एक चल वाला द्विघात समीकरण (Quadratic Equation in One Variable)

द्विघात समीकरण का सामान्य रूप ax2 + bx + c = 0 होता है, जहाँ x एक ऐसी राशि है जिसका मान ज्ञात नहीं होता या चल है। यहाँ a (≠ 0), b और c स्थिरांक होते हैं। इस प्रकार के समीकरण को एक चल वाला द्वितीय घात समीकरण कहा जाता है।

📚 x2 में x को आधार (Base) तथा 2 को घात (Power) कहा जाता है।

📚 ax2 + bx + c = 0 में a और b को क्रमशः x2 और x के गुणांक (Coefficient) कहते हैं।

मुख्य विशेषताएँ (Key Characteristics) :

🔸 मानक रूप (Standard Form) : ax2 + bx + c = 0

🔸 चल की अधिकतम घात : 2 (अर्थात x2 की घात)

गुणांक (Coefficients) :

🔸 a : प्रमुख गुणांक या x2 का गुणांक (a ≠ 0)
🔸 b : x पद का गुणांक
🔸 c : स्थिर पद

द्विघात समीकरण का हल (Solution of a Quadratic Equation) :

🔸 यदि कोई वास्तविक संख्या α द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 (जहाँ a ≠ 0) का एक मूल है, तो वह शर्त 2 + bα + c = 0 को संतुष्ट करेगी।

🔸 इस स्थिति में हम कहते हैं कि x = α द्विघात समीकरण का एक हल है, या α का मान समीकरण को Satisfied करता है।

🔸 यदि α द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 का एक मूल है, तो (x − α) उसका एक गुणनखंड (Factor) होगा। इसका विपरीत भी सत्य है।

🔸 चूँकि ax2 + bx + c = 0 में चल की अधिकतम घात 2 है, इसलिए इसके अधिकतम दो हल हो सकते हैं, जिन्हें मूल (Roots) कहा जाता है।

📚 f(x) = ax2 + bx + c के शून्य (Zeroes) और समीकरण ax2 + bx + c = 0 के मूल (Roots) समान होते हैं।

👉 जाँच करें कि निम्नलिखित समीकरण द्विघात समीकरण हैं या नहीं :

🔹 1. (x – 2)2 + 1 = 2x – 3

🔹 2. x(x + 1) + 8 = (x + 2) (x – 2)

🔹 3. x (2x + 3) = x2 + 1

🔹 4. (x + 2)3 = x3 – 4

🔹 5. (2x – 1)(x – 3) = (x + 5)(x – 1)

🔹 6. x2 + 3x + 1 = (x – 2)2

🔹 7. (x + 2)3 = 2x (x2 – 1)

🔹 8. x3 – 4x2 – x + 1 = (x – 2)3

👉 इसे हल करें :

🔹 1.

🔹 2.

समाधान+
या,
या,
या,
या,
या,
या,

यदि दो राशियों का गुणनफल शून्य हो, तो कम से कम एक राशि शून्य होगी।

अथवा,
अतः,

या

🔹 3. , a ≠ 0

🔹 4. , a ≠ 0

🔹 5. , a ≠ 3, -5

समाधान+
या,
या,
या,
या,
या,
या,
या,
या,
या,

यदि दो राशियों का गुणनफल शून्य हो, तो प्रत्येक राशि को अलग-अलग शून्य के बराबर रखा जाता है।

या

अतः,

या