कोण (Angles)
🎯 इस पेज के अंत तक आप क्या सीखेंगे?
👉 कोण, उसकी भुजाएँ और शीर्ष क्या होते हैं।
👉 तीक्ष्ण, सम, स्थूल, सरल और प्रतिवर्त कोण।
👉 सन्निकट, पूरक और सम्पूरक कोण।
👉 रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोण।
👉 सरल समीकरणों की सहायता से अज्ञात कोण निकालना।
👉 कोण (Angle)
जब दो किरणें एक ही शीर्ष बिंदु से उत्पन्न होकर अलग-अलग दिशाओं में चलती हैं, तब एक कोण बनता है।
दो किरणों से बना कोण उसी समतल में स्थित होता है।
ज्यामितीय आकृति में तीन बिंदुओं द्वारा एक कोण बनता है और उन बिंदुओं का उपयोग करके कोण को दर्शाया जाता है।
कोण (Angle)
∠BOC or ∠O
🔹 कोण के प्रकार (Types of Angles):
कोण के मान के आधार पर कोणों को पाँच भागों में विभाजित किया जाता है।
कोण
तीक्ष्ण कोण
समकोण
स्थूल कोण
सरल कोण
प्रतिवर्त कोण
तीक्ष्ण कोण (Acute Angle)
0 < θ < 90°
0° से बड़ा और 90° से छोटा कोण तीक्ष्ण कोण कहलाता है।
समकोण (Right Angle)
θ = 90°
90° या एक समकोण के बराबर कोण को समकोण कहते हैं।
स्थूल कोण (Obtuse Angle)
90° < θ < 180°
90° से बड़ा और 180° से छोटा कोण स्थूल कोण कहलाता है।
सरल कोण (Straight Angle)
θ = 180°
180° या दो समकोण के बराबर कोण को सरल कोण कहते हैं।
प्रतिवर्त कोण (Reflex Angle)
180° < θ < 360°
180° से बड़ा और 360° से छोटा कोण प्रतिवर्त कोण कहलाता है।
दो कोणों के आपसी संबंध के आधार पर कोणों को चार भागों में बाँटा जाता है।
कोण
सन्निकट कोण
पूरक कोण
सम्पूरक कोण
विपरीत कोण
सन्निकट कोण (Adjacent Angles)
∠AOC सन्निकट कोण ∠BOC
जब दो कोणों की एक सामान्य भुजा और एक ही शीर्ष बिंदु हो, तो उन्हें सन्निकट कोण कहते हैं।
OC - सामान्य भुजा, O - शीर्ष बिंदु
पूरक कोण (Complementary Angles)
∠AOC + ∠BOC = 90°
जब दो कोणों का योग 90° हो, तब वे एक-दूसरे के पूरक कोण कहलाते हैं। उनका सन्निकट होना आवश्यक नहीं है।
इस स्थिति में ∠AOC और ∠BOC एक-दूसरे के पूरक कोण हैं।
सम्पूरक कोण (Supplementary Angles)
∠AOC + ∠BOC = 180°
जब दो कोणों का योग 180° हो, तब वे एक-दूसरे के सम्पूरक कोण कहलाते हैं। उनका सन्निकट होना आवश्यक नहीं है।
इस स्थिति में ∠AOC और ∠BOC एक-दूसरे के सम्पूरक कोण हैं।
| ∵ | AB⟂OP |
| ∴ | ∠AOP = ∠BOP = 90° या एक समकोण |
| पुनः, | ∠AOP + ∠BOP = 180° या दो समकोण |
| पुनः, | ∠BOP = ∠COP + ∠COB |
| अब, | ∠AOP + ∠COP + ∠COB = 180° या दो समकोण |
| ∴ | ∠AOC + ∠COB = 180° या दो समकोण |
शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles)
∠AOC = ∠BOD
∠AOD = ∠COB
प्रत्येक शीर्षाभिमुख कोणों का युग्म बराबर होता है।
| ∵ | ∠AOC + ∠AOD = 180° या दो समकोण |
| ∵ | ∠AOC + ∠BOC = 180° या दो समकोण |
| ∴ | ∠AOC + ∠AOD = ∠AOC + ∠BOC |
| या, | ∠AOD = ∠BOC |
| या, | ∠AOD = ∠COB |
| इसी प्रकार प्राप्त होता है, | |
| ∠AOC = ∠BOD |
✏️ हल किए हुए उदाहरण
✍️ कोण का प्रकार पहचानें
निम्न कोणों का प्रकार बताइए: 38°, 90°, 126°, 180° और 245°।
| कोण | प्रकार |
|---|---|
| 38° | तीक्ष्ण कोण |
| 90° | समकोण |
| 126° | स्थूल कोण |
| 180° | सरल कोण |
| 245° | प्रतिवर्त कोण |
✍️ पूरक कोण ज्ञात करें
यदि एक कोण 37° है, तो उसका पूरक कोण ज्ञात करें।
आवश्यक कोण = 90° - 37° = 53°अतः पूरक कोण 53° है।
✍️ सम्पूरक कोण ज्ञात करें
यदि एक कोण 112° है, तो उसका सम्पूरक कोण ज्ञात करें।
आवश्यक कोण = 180° - 112° = 68°अतः सम्पूरक कोण 68° है।
✍️ रैखिक युग्म में कोण
रैखिक युग्म के दो कोण 3x और 2x हैं। दोनों कोण ज्ञात करें।
3x + 2x = 180° 5x = 180° x = 36°अतः दोनों कोण 108° और 72° हैं।
✍️ शीर्षाभिमुख कोण
दो सीधी रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं। यदि एक कोण 64° है, तो शेष तीन कोण ज्ञात करें।
उसका शीर्षाभिमुख कोण भी 64° होगा।
प्रत्येक सन्निकट कोण:
180° - 64° = 116°अतः चारों कोण हैं: 64°, 116°, 64°, 116°।
🧩 अभ्यास प्रश्न
✍️ 1. निम्न कोणों का प्रकार बताइए: 25°, 95°, 180°, 300°।
✍️ 2. 28° का पूरक कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 3. 74° का सम्पूरक कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 4. दो पूरक कोणों का अनुपात 2 : 3 है। दोनों कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 5. दो सम्पूरक कोणों का अनुपात 4 : 5 है। दोनों कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 6. एक रैखिक युग्म के कोण (x + 20)° और (2x + 10)° हैं। x तथा दोनों कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 7. दो सीधी रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं। यदि एक कोण 127° है, तो शेष तीन कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 8. क्या 40° और 50° के दो कोण पूरक हो सकते हैं, यदि वे सन्निकट न हों? कारण दीजिए।
1. तीक्ष्ण, स्थूल, सरल, प्रतिवर्त।
2. 62°
3. 106°
4. 36° और 54°
5. 80° और 100°
6. x = 50; कोण = 70° और 110°
7. 127°, 53°, 127°, 53°
8. हाँ। पूरक कोणों का योग 90° होना चाहिए; उनका सन्निकट होना आवश्यक नहीं है।
⚠️ कोणों के बारे में सामान्य गलत धारणाएँ
🔹 भुजाएँ लंबी हों तो कोण बड़ा होगा।
गलत। कोण का मान दो किरणों के बीच के घुमाव पर निर्भर करता है, भुजाओं की लंबाई पर नहीं।
🔹 पूरक और सम्पूरक कोण हमेशा सन्निकट होते हैं।
गलत। वे अलग-अलग स्थान पर भी हो सकते हैं। केवल उनका योग क्रमशः 90° और 180° होना चाहिए।
🔹 घुमाया हुआ समकोण समकोण नहीं रहता।
गलत। दिशा बदलने पर भी उसका माप 90° ही रहता है।
🔹 चित्र में जो भाग अधिक चौड़ा दिखे, वही हमेशा मापा जाने वाला कोण है।
ज़रूरी नहीं। कोण की पहचान उसकी भुजाओं, शीर्ष और लिखे गए संकेत से होती है।
✅ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
🔹 तीक्ष्ण कोण: 0° < θ < 90°
🔹 समकोण: θ = 90°
🔹 स्थूल कोण: 90° < θ < 180°
🔹 सरल कोण: θ = 180°
🔹 प्रतिवर्त कोण: 180° < θ < 360°
🔹 पूरक कोणों का योग 90° होता है।
🔹 सम्पूरक कोणों का योग 180° होता है।
🔹 रैखिक युग्म के कोण सन्निकट होते हैं और उनका योग 180° होता है।
🔹 शीर्षाभिमुख कोण परस्पर बराबर होते हैं।
📚 इसके अतिरिक्त, अगले अध्यायों में हम कुछ और प्रकार के कोणों के बारे में जानेंगे,
जैसे — एकांतर कोण (Alternate Angles), अनुरूप कोण (Corresponding Angles), अंतःस्थ कोण (Internal Angle) और बहिःस्थ कोण (External Angle)।