त्रिभुज और त्रिभुजों के प्रकार (Triangles and Types of Triangles)

🎯 इस पाठ के अंत में तुम क्या सीखोगे?

👉 त्रिभुज की परिभाषा तथा उसकी भुजाओं, शीर्षों और अंतः कोणों को पहचानना।

👉 भुजाओं और कोणों के आधार पर त्रिभुजों का वर्गीकरण करना।

👉 विषमबाहु, समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुजों के गुण समझना।

👉 न्यूनकोण, समकोण और अधिककोण त्रिभुजों के गुण समझना।

तीन असंरेख बिंदुओं को जोड़े में तीन रेखाखंडों से जोड़ने पर जो बंद समतल आकृति बनती है, उसे त्रिभुज (Triangle) कहते हैं। असंरेख का अर्थ है कि तीनों बिंदु एक ही सरल रेखा पर स्थित नहीं हैं।

त्रिभुज (Triangle)

त्रिभुज (Triangle)

△ABC

त्रिभुज में तीन भुजाएँ और तीन शीर्ष होते हैं।

△ABC के तीन शीर्ष A, B और C हैं तथा तीन भुजाएँ AB, BC और CA हैं।

जहाँ दो भुजाएँ मिलती हैं, वह बिंदु त्रिभुज का शीर्ष (Vertex) कहलाता है। प्रत्येक शीर्ष पर मिलने वाली दोनों भुजाएँ त्रिभुज के अंदर की ओर एक अंतः कोण बनाती हैं।

△ABC के तीन अंतः कोण ∠ABC, ∠BCA और ∠CAB हैं। समतल ज्यामिति में उनका योग 180°, अर्थात दो समकोण होता है।

📚 ∠ABC + ∠BCA + ∠CAB = 180°

🔹 भुजाओं के आधार पर त्रिभुजों के प्रकार

भुजाओं की लंबाई के आधार पर तीन नामित प्रकार

भुजाओं के आधार पर विषमबाहु, समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुज

विषमबाहु त्रिभुज

समद्विबाहु त्रिभुज

समबाहु त्रिभुज

विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle)

विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle)

AB ≠ BC, BC ≠ CA और CA ≠ AB

∠A ≠ ∠B, ∠B ≠ ∠C और ∠C ≠ ∠A

जिस त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ अलग-अलग हों, उसे विषमबाहु त्रिभुज कहते हैं।

उसके तीनों अंतः कोण भी अलग-अलग होते हैं।

समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle)

समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle)

AB = AC और ∠ABC = ∠BCA

जिस त्रिभुज की कम-से-कम दो भुजाएँ बराबर हों, उसे समद्विबाहु त्रिभुज कहते हैं।

समान भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं।

BC को आधार मानने पर ∠ABC और ∠BCA आधार कोण हैं।

समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle)

समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle)

AB = BC = CA

∠A = ∠B = ∠C = 60°

समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं और तीनों अंतः कोण भी बराबर होते हैं।

इस पाठ में प्रयुक्त परिभाषा: समद्विबाहु का अर्थ है कम-से-कम दो समान भुजाओं वाला त्रिभुज। इसलिए समबाहु त्रिभुज, समद्विबाहु त्रिभुज का एक विशेष रूप भी है। उसके अतिरिक्त गुणों के कारण हम उसे अलग से समझते हैं।

🔹 कोणों के आधार पर त्रिभुजों के प्रकार

एक त्रिभुज में एक से अधिक कोण समकोण या अधिक कोण नहीं हो सकते। यदि दो कोणों में से प्रत्येक 90° या उससे अधिक हो, तो उनका योग कम-से-कम 180° होगा। तब तीसरे कोण के लिए कोई धनात्मक माप नहीं बचेगा।

समकोण त्रिभुज के बाकी दो कोणों का योग 90° होता है। वे न्यून कोण होते हैं और एक-दूसरे के पूरक होते हैं।

समकोण के सामने की भुजा कर्ण (Hypotenuse) कहलाती है। यह समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होती है।

कोणों के माप के आधार पर तीन प्रकार

कोणों के आधार पर न्यूनकोण, समकोण और अधिककोण त्रिभुज

न्यूनकोण त्रिभुज

समकोण त्रिभुज

अधिककोण त्रिभुज

न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled Triangle)

न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled Triangle)

∠A < 90°, ∠B < 90°, ∠C < 90°

प्रत्येक अंतः कोण 90° से कम होता है।

समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle)

समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle)

एक अंतः कोण 90° होता है।

बाकी दोनों अंतः कोण न्यून कोण होते हैं और उनका योग 90° होता है।

अधिककोण त्रिभुज (Obtuse-angled Triangle)

अधिककोण त्रिभुज (Obtuse-angled Triangle)

एक अंतः कोण 90° से अधिक होता है।

बाकी दोनों अंतः कोण न्यून कोण होते हैं।

📚 दो त्रिभुजों की तुलना के लिए समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) और सर्वांगसम त्रिभुज (Congruent Triangles) की अवधारणाओं का उपयोग किया जाता है। समरूप त्रिभुजों के संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं। सर्वांगसम त्रिभुजों का आकार और माप दोनों समान होते हैं। आगे के पाठों में तुम इनके बारे में विस्तार से सीखोगे।

👉 एक ही त्रिभुज की दो पहचान

एक त्रिभुज को उसकी भुजाओं की लंबाई और कोणों के माप के आधार पर अलग-अलग पहचाना जा सकता है।

उदाहरण के लिए, 45°, 45° और 90° कोणों वाला त्रिभुज कोणों के आधार पर समकोण त्रिभुज है। दो कोण बराबर होने से उनके सामने की भुजाएँ भी बराबर होंगी। इसलिए भुजाओं के आधार पर यह समद्विबाहु है। इसे समद्विबाहु समकोण त्रिभुज कहते हैं।

समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है, इसलिए प्रत्येक समबाहु त्रिभुज न्यूनकोण त्रिभुज भी है। लेकिन प्रत्येक न्यूनकोण त्रिभुज समबाहु नहीं होता।

✍ सरल हल किए गए उदाहरण

✏️ उदाहरण 1: भुजाओं से त्रिभुज पहचानना

प्रश्न: एक त्रिभुज की भुजाएँ 5 cm, 5 cm और 8 cm हैं। भुजाओं के आधार पर यह किस प्रकार का त्रिभुज है?

हल: दो भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर हैं। इसलिए यह समद्विबाहु त्रिभुज है।

✏️ उदाहरण 2: तीसरा कोण ज्ञात करना

प्रश्न: एक त्रिभुज के दो कोण 50° और 60° हैं। तीसरा कोण कितना है? कोणों के आधार पर त्रिभुज का प्रकार बताओ।

हल: तीसरा कोण = 180° − (50° + 60°) = 70°।

तीनों कोण 90° से कम हैं। इसलिए यह न्यूनकोण त्रिभुज है।

✏️ उदाहरण 3: समद्विबाहु त्रिभुज के कोण

प्रश्न: △ABC में AB = AC और ∠A = 40° है। ∠B और ∠C ज्ञात करो।

हल: AB = AC होने से उनके सामने के कोण बराबर हैं: ∠B = ∠C।

∠B + ∠C = 180° − 40° = 140°।

अतः ∠B = ∠C = 140° ÷ 2 = 70°।

✏️ उदाहरण 4: समबाहु त्रिभुज के कोण

प्रश्न: समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° क्यों होता है?

हल: तीनों भुजाएँ बराबर होने से तीनों कोण बराबर होते हैं। उनका योग 180° होता है।

इसलिए प्रत्येक कोण = 180° ÷ 3 = 60°।

🧠 त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

🔹 त्रिभुज की तीन भुजाएँ, तीन शीर्ष और तीन अंतः कोण होते हैं।

🔹 समतल ज्यामिति में उसके अंतः कोणों का योग 180° होता है।

🔹 विषमबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ अलग-अलग होती हैं।

🔹 समद्विबाहु त्रिभुज की कम-से-कम दो भुजाएँ बराबर होती हैं। समान भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं।

🔹 समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर और प्रत्येक कोण 60° होता है। हमारी परिभाषा के अनुसार वह समद्विबाहु भी है।

🔹 न्यूनकोण त्रिभुज का प्रत्येक कोण 90° से कम होता है।

🔹 समकोण त्रिभुज का एक कोण 90° और बाकी दो कोणों का योग 90° होता है।

🔹 अधिककोण त्रिभुज का एक कोण 90° से अधिक और बाकी दो कोण न्यून कोण होते हैं।

🔹 त्रिभुज में दो समकोण, दो अधिक कोण, या एक समकोण और एक अधिक कोण नहीं हो सकते।

🔹 एक ही त्रिभुज को भुजाओं और कोणों के आधार पर अलग-अलग पहचाना जा सकता है।