👉 त्रिभुज सम्बन्धी उपपाद्य (Triangle Theorem)

यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं की लंबाई समान हो, तो उन भुजाओं के सामने वाले कोण भी परस्पर समान होते हैं।

Isosceles triangle theorem
उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :△ABC एक त्रिभुज है, जिसमें AB = AC
सिद्ध करना है :

यदि △ABC में AB = AC हो, तो उनके सामने वाले कोण बराबर होंगे, अर्थात ∠ABC = ∠ACB।

रचना :

∆ABC में ∠BAC का समद्विभाजक AD खींचा, जो BC भुजा को D बिन्दु पर काटता है।

प्रमाण :∵ △ABD तथा △ACD में
AB = AC (∵ दिया है)
∠BAD = ∠CAD
[∵ रचना के अनुसार AD, ∠BAC का समद्विभाजक है]
और,AD दोनों त्रिभुजों की सामान्य भुजा है।
△ABD ≅ △ACD
[∵ भुजा-कोण-भुजा (S-A-S) सर्वांगसमता की शर्त के अनुसार]

∠ABD = ∠ACD [∵ सर्वांगसम त्रिभुजों के अनुरूप कोण बराबर होते हैं]

∠ABC = ∠ACB (सिद्ध)

यदि किसी त्रिभुज के दो कोणों का माप समान हो, तो उनके सामने वाली भुजाओं की लंबाई भी समान होती है।

Isosceles triangle theorem
उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :△ABC एक त्रिभुज है, जिसमें ∠ABC = ∠ACB
सिद्ध करना है :

यदि △ABC में ∠ABC = ∠ACB हो, तो उनके सामने वाली भुजाएँ बराबर होंगी, अर्थात AB = AC।

रचना :

∆ABC में ∠BAC का समद्विभाजक AD खींचा, जो BC भुजा को D बिन्दु पर काटता है।

प्रमाण :∵ △ABD तथा △ACD में
∠BAD = ∠CAD
[∵ रचना के अनुसार AD, ∠BAC का समद्विभाजक है]
AD दोनों त्रिभुजों की सामान्य भुजा है।
और,∠ABD = ∠ACD (∵ दिया है, ∠ABC = ∠ACB)
△ABD ≅ △ACD
[∵ कोण-भुजा-कोण (A-S-A) सर्वांगसमता की शर्त के अनुसार]

AB = AC [∵ सर्वांगसम त्रिभुजों की अनुरूप भुजाएँ बराबर होती हैं] (सिद्ध)

त्रिभुज की किसी एक भुजा को बढ़ाने पर बनने वाले बाह्य कोण का माप, दो आंतरिक विपरीत कोणों के योग के बराबर होता है।

उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :

किसी △ABC में BC भुजा को D बिन्दु तक बढ़ाया। इससे बाह्य कोण ∠ACD तथा आंतरिक विपरीत कोण ∠ABC और ∠BAC बने।

सिद्ध करना है :∠ACD = ∠ABC + ∠BAC
रचना :C बिन्दु से AB के समांतर रेखाखंड CP खींचा।
प्रमाण :AB || CP और BD छेदक है।
∠PCD = ∠ABC (∵ अनुरूप कोण) -----(i)
फिर,AB || CP और AC छेदक है।
∠ACP = ∠BAC (∵ एकांतर कोण) -----(ii)
(i) और (ii) जोड़ने पर
∠PCD + ∠ACP = ∠ABC + ∠BAC
∠ACD = ∠ABC + ∠BAC

अतः BC को D तक बढ़ाने पर बनने वाला बाह्य कोण ∠ACD का माप, आंतरिक विपरीत कोण ∠ABC और ∠BAC के योग के बराबर है। (सिद्ध)

त्रिभुज के तीनों कोणों के मापों का योग दो समकोण अर्थात 180° होता है।

उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :△ABC एक कोई भी त्रिभुज है।
सिद्ध करना है :△ABC के तीनों कोणों के मापों का योग 2 समकोण के बराबर है।
अर्थात,∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°
रचना :△ABC में A बिन्दु से BC के समांतर EF खींचा।
प्रमाण :∵ BC || EF और AB छेदक है
∠CBA = ∠EAB (∵ एकांतर कोण) -----(i)
फिर,∵ BC || EF और AC छेदक है
∠BCA = ∠CAF (∵ एकांतर कोण) -----(ii)
(i) और (ii) जोड़ने पर
∠CBA + ∠BCA = ∠CAF + ∠EAB
∠CBA + ∠BCA + ∠BAC = ∠CAF + ∠EAB + ∠BAC
[∵ दोनों पक्षों में ∠BAC जोड़ा गया]
∵ ∠CAF + ∠EAB + ∠BAC = 180°
[∵ एक ही सीधी रेखा के एक ही ओर स्थित सन्निहित कोणों का योग 180°]
∴ ∠CBA + ∠BCA + ∠BAC = 180° (सिद्ध)
Interior Exterior theorem
दिया है :△ABC एक कोई भी त्रिभुज है।
सिद्ध करना है :∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°
रचना :BC भुजा को D बिन्दु तक बढ़ाया।
प्रमाण :∠ACD = ∠ABC + ∠BAC
[∵ बाह्य कोण = दो आंतरिक विपरीत कोणों का योग]
अब,∠ACD + ∠ACB = ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB
[∵ दोनों पक्षों में ∠ACB जोड़ा गया]
∠ACD + ∠ACB = 180°
[∵ C बिन्दु पर CA, सीधी रेखा BD पर खड़ी है, इसलिए सन्निहित कोणों का योग 180°]
∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180° (सिद्ध)

यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ असमान हों, तो बड़ी भुजा के सामने वाला कोण, छोटी भुजा के सामने वाले कोण से बड़ा होता है।

Triangle inequal side theorem
उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :एक △ABC में AC > AB
सिद्ध करना है :∠ABC > ∠ACB
रचना :AC पर AB के बराबर AD काटा और B को D से मिलाया।
प्रमाण :∵ △ABD में AB = AD (रचना अनुसार)
∴ ∠ABD = ∠ADB
[∵ समान भुजाओं के सामने वाले कोण समान होते हैं]
△DCB का बाह्य कोण ∠ADB = ∠DCB + ∠DBC
[∵ बाह्य कोण = दो आंतरिक विपरीत कोणों का योग]
अतः,∠ADB > ∠DCB या ∠ACB
परन्तु,∠ADB = ∠ABD
∴ ∠ABD > ∠ACB
और ∠ABD, ∠ABC का एक भाग है।
∴ ∠ABC > ∠ABD
इसलिए,∠ABC > ∠ACB (सिद्ध)

यदि किसी त्रिभुज के दो कोण असमान हों, तो बड़े कोण के सामने वाली भुजा, छोटे कोण के सामने वाली भुजा से बड़ी होती है।

Triangle inequal side theorem
उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :△ABC में ∠ABC > ∠ACB
सिद्ध करना है :AC > AB
प्रमाण :यदि AC, AB से बड़ा न हो, तो या तो
तो,(i) AC = AB
या,(ii) AC < AB होगा।
अब,(i) AC = AB होने पर ∠ABC = ∠ACB होगा।
[∵ समान भुजाओं के सामने वाले कोण समान होते हैं]
और(ii) AC < AB होने पर ∠ABC < ∠ACB होगा।
[∵ बड़ी भुजा के सामने वाला कोण बड़ा होता है]

लेकिन (i) और (ii) दोनों ही संभव नहीं हैं, क्योंकि दिया है ∠ABC > ∠ACB।

अतः AC > AB (सिद्ध)

त्रिभुज की किसी भी दो भुजाओं की लंबाइयों का योग, तीसरी भुजा की लंबाई से बड़ा होता है।

Triangle inequal side theorem
उपपाद्य का प्रमाण+
दिया है :मान लें ∆ABC की सबसे बड़ी भुजा BC है।
सिद्ध करना है :

AB + AC > BC सिद्ध करने पर यह सिद्ध हो जाएगा कि किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।

रचना :

A से BC पर AD लम्ब खींचा, जो BC को D पर काटता है। अर्थात AD ⟂ BC

प्रमाण :△ADB में ∠ADB = 1 समकोण [∵ AD ⟂ BC]
∠ADB समकोण तथा ∠BAD न्यूनकोण है।
अतः,∠ADB > ∠BAD
AB > BD ----(i)
[∵ बड़े कोण के सामने वाली भुजा बड़ी होती है]
इसी प्रकार,△ADC में ∠ADC = 1 समकोण [∵ AD ⟂ BC]
∠ADC समकोण तथा ∠DAC न्यूनकोण है।
अतः,∠ADC > ∠DAC
AC > DC ----(ii)
[∵ बड़े कोण के सामने वाली भुजा बड़ी होती है]
अब,(i) और (ii) जोड़ने पर
AB + AC > BD + DC
अर्थात,AB + AC > BC (सिद्ध)