त्रिभुज के प्रमेय (Triangle Theorems)
🎯 इस पेज के अंत तक आप क्या सीखेंगे?
👉 समद्विबाहु त्रिभुज के प्रमेय और उसके विलोम को समझना।
👉 त्रिभुज के बाह्य कोण और दूरस्थ अंतःकोणों का संबंध समझना।
👉 त्रिभुज के तीनों अंतःकोणों के योग का प्रमेय सिद्ध करना।
👉 भुजाओं और उनके सामने के कोणों की तुलना करना।
👉 Triangle Inequality की सहायता से जाँचना कि दी गई लंबाइयों से त्रिभुज बन सकता है या नहीं।
👉 प्रमेयों का उपयोग करके सरल ज्यामितीय और संख्यात्मक प्रश्न हल करना।
1. समान भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं
⭐ यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हों, तो उन भुजाओं के सामने के कोण भी बराबर होते हैं।
📚 यदि △ABC में AB = AC, तो ∠ABC = ∠ACB।
| दिया है : | △ABC में AB = AC। |
| सिद्ध करना है : | ∠ABC = ∠ACB। |
| रचना : | ∠BAC का समद्विभाजक AD खींचा, जो BC को D पर काटता है। |
| प्रमाण : | △ABD और △ACD में |
| AB = AC (दिया है) | |
| ∠BAD = ∠CAD (AD कोण समद्विभाजक है) | |
| AD = AD (सामान्य भुजा) | |
| ∴ | △ABD ≅ △ACD (SAS) |
| ∴ | ∠ABD = ∠ACD (CPCT) |
| अतः, | ∠ABC = ∠ACB। (सिद्ध) |
2. बराबर कोणों के सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं
⭐ यदि किसी त्रिभुज के दो कोण बराबर हों, तो उन कोणों के सामने की भुजाएँ भी बराबर होती हैं।
यह ऊपर दिए गए समद्विबाहु त्रिभुज प्रमेय का विलोम (converse) है।
📚 यदि △ABC में ∠ABC = ∠ACB, तो AB = AC।
| दिया है : | △ABC में ∠ABC = ∠ACB। |
| सिद्ध करना है : | AB = AC। |
| रचना : | ∠BAC का समद्विभाजक AD खींचा, जो BC को D पर काटता है। |
| प्रमाण : | △ABD और △ACD में |
| ∠BAD = ∠CAD (रचना के अनुसार) | |
| AD = AD (सामान्य भुजा) | |
| ∠ABD = ∠ACD (दिया है) | |
| ∴ | △ABD ≅ △ACD (ASA) |
| ∴ | AB = AC (CPCT)। (सिद्ध) |
3. त्रिभुज का बाह्य कोण प्रमेय
⭐ त्रिभुज की किसी एक भुजा को बढ़ाने पर बना बाह्य कोण, उसके दो दूरस्थ अंतःकोणों के योग के बराबर होता है।
📚 यदि △ABC की BC भुजा को D तक बढ़ाया जाए, तो ∠ACD = ∠ABC + ∠BAC।
| दिया है : | △ABC की BC भुजा को D तक बढ़ाया गया है। |
| सिद्ध करना है : | ∠ACD = ∠ABC + ∠BAC। |
| रचना : | C से AB के समांतर CP खींचा। |
| प्रमाण : | AB ∥ CP और BD एक छेदक है। |
| ∠PCD = ∠ABC (अनुरूप कोण) — (i) | |
| AB ∥ CP और AC एक छेदक है। | |
| ∠ACP = ∠BAC (एकांतर अंतःकोण) — (ii) | |
| (i) और (ii) जोड़ने पर | |
| ∠PCD + ∠ACP = ∠ABC + ∠BAC | |
| ∴ | ∠ACD = ∠ABC + ∠BAC। (सिद्ध) |
📚 महत्वपूर्ण निष्कर्ष: किसी त्रिभुज का बाह्य कोण उसके प्रत्येक दूरस्थ अंतःकोण से बड़ा होता है।
4. त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है
⭐ किसी भी त्रिभुज के तीनों अंतःकोणों का योग दो समकोण, अर्थात 180° होता है।
📚 △ABC में ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°।
| दिया है : | △ABC एक कोई भी त्रिभुज है। |
| सिद्ध करना है : | ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°। |
| रचना : | A से BC के समांतर EF खींचा। |
| प्रमाण : | BC ∥ EF और AB छेदक है। |
| ∠CBA = ∠EAB (एकांतर अंतःकोण) — (i) | |
| BC ∥ EF और AC छेदक है। | |
| ∠BCA = ∠CAF (एकांतर अंतःकोण) — (ii) | |
| (i) और (ii) में दोनों ओर ∠BAC जोड़ने पर | |
| ∠CBA + ∠BCA + ∠BAC = ∠EAB + ∠CAF + ∠BAC | |
| दाएँ पक्ष के तीनों कोण सीधी रेखा EF पर बने हैं। | |
| ∴ | ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°। (सिद्ध) |
| दिया है : | △ABC की BC भुजा को D तक बढ़ाया गया है। |
| प्रमाण : | ∠ACD = ∠ABC + ∠BAC (बाह्य कोण प्रमेय) |
| दोनों ओर ∠ACB जोड़ने पर | |
| ∠ACD + ∠ACB = ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB | |
| ∠ACD + ∠ACB = 180° (रैखिक युग्म) | |
| ∴ | ∠ABC + ∠BAC + ∠ACB = 180°। (सिद्ध) |
5. बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण होता है
⭐ यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ असमान हों, तो बड़ी भुजा के सामने का कोण छोटी भुजा के सामने के कोण से बड़ा होता है।
📚 यदि △ABC में AC > AB, तो ∠ABC > ∠ACB।
| दिया है : | △ABC में AC > AB। |
| सिद्ध करना है : | ∠ABC > ∠ACB। |
| रचना : | AC पर AD = AB लिया और B को D से मिलाया। |
| प्रमाण : | △ABD में AB = AD। |
| ∴ | ∠ABD = ∠ADB। |
| △DCB में ∠ADB एक बाह्य कोण है। | |
| ∠ADB = ∠DCB + ∠DBC | |
| ∴ | ∠ADB > ∠DCB = ∠ACB। |
| लेकिन ∠ADB = ∠ABD और ∠ABC > ∠ABD। | |
| अतः, | ∠ABC > ∠ACB। (सिद्ध) |
6. बड़े कोण के सामने बड़ी भुजा होती है
⭐ यदि किसी त्रिभुज के दो कोण असमान हों, तो बड़े कोण के सामने की भुजा छोटी कोण के सामने की भुजा से बड़ी होती है।
यह पिछले प्रमेय का विलोम है।
📚 यदि △ABC में ∠ABC > ∠ACB, तो AC > AB।
| दिया है : | △ABC में ∠ABC > ∠ACB। |
| सिद्ध करना है : | AC > AB। |
| प्रमाण : | मान लें AC, AB से बड़ा नहीं है। तब या तो AC = AB या AC < AB होगा। |
| यदि AC = AB, तो ∠ABC = ∠ACB होगा, जो दिए गए तथ्य के विरुद्ध है। | |
यदि AC < AB, तो बड़ी भुजा AB के सामने ∠ACB बड़ा होगा, अर्थात ∠ACB > ∠ABC। यह भी दिए गए तथ्य के विरुद्ध है। | |
| ∴ | AC > AB। (सिद्ध) |
7. Triangle Inequality प्रमेय
⭐ किसी भी त्रिभुज की किसी भी दो भुजाओं की लंबाइयों का योग तीसरी भुजा की लंबाई से बड़ा होता है।
📚 △ABC में AB + AC > BC, AB + BC > AC और AC + BC > AB।
| दिया है : | △ABC में मान लें BC सबसे बड़ी भुजा है। |
| सिद्ध करना है : | AB + AC > BC। |
| रचना : | A से BC पर AD लंब खींचा। |
| प्रमाण : | △ADB में ∠ADB = 90° और ∠BAD < 90°। |
| ∴ | ∠ADB > ∠BAD, इसलिए AB > BD। — (i) |
| इसी प्रकार △ADC में ∠ADC > ∠DAC, इसलिए AC > DC। — (ii) | |
| (i) और (ii) जोड़ने पर | |
| AB + AC > BD + DC | |
| अर्थात, | AB + AC > BC। (सिद्ध) |
📚 Triangle Inequality का उपयोग
तीन लंबाइयों से त्रिभुज तभी बन सकता है जब हर दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा हो।
उदाहरण:
5 cm, 7 cm, 9 cm5 + 7 > 9, 7 + 9 > 5 और 9 + 5 > 7।
इसलिए इन भुजाओं से त्रिभुज बन सकता है।
लेकिन 3 cm, 4 cm, 8 cm के लिए
3 + 4 = 7 < 8।
इसलिए इन लंबाइयों से त्रिभुज नहीं बन सकता।
✏️ हल किए हुए उदाहरण
✍️ उदाहरण 1: समद्विबाहु त्रिभुज में कोण
△ABC में AB = AC और ∠A = 40° है। ∠B और ∠C ज्ञात करें।
AB = AC, इसलिए
∠B = ∠C।
और
∠A + ∠B + ∠C = 180° 40° + ∠B + ∠C = 180° ∠B + ∠C = 140°दोनों बराबर हैं, इसलिए
∠B = ∠C = 70°।
✍️ उदाहरण 2: **बाह्य कोण
किसी त्रिभुज के दो दूरस्थ अंतःकोण 48° और 67° हैं। संबंधित बाह्य कोण ज्ञात करें।**
बाह्य कोण = 48° + 67° = 115°अतः बाह्य कोण 115° है।
✍️ उदाहरण 3: **तीसरा कोण
एक त्रिभुज के दो कोण 56° और 73° हैं।**
तीसरा कोण = 180° - (56° + 73°) = 51°✍️ उदाहरण 4: **भुजाओं की तुलना
△PQR में ∠P = 75°, ∠Q = 65° और ∠R = 40°।**
सबसे बड़ा कोण ∠P है, इसलिए उसके सामने की भुजा QR सबसे बड़ी है।
सबसे छोटा कोण ∠R है, इसलिए उसके सामने की भुजा PQ सबसे छोटी है।
अतः
QR > PR > PQ।
✍️ उदाहरण 5: क्या त्रिभुज बन सकता है?
क्या 6 cm, 8 cm, 14 cm लंबाइयों से त्रिभुज बन सकता है?
6 + 8 = 14लेकिन triangle inequality के अनुसार योग तीसरी भुजा से बड़ा होना चाहिए।
अतः इन लंबाइयों से त्रिभुज नहीं बन सकता।
✍️ उदाहरण 6: समीकरण वाला प्रश्न
△ABC में बाह्य कोण 120° है और उसके दो दूरस्थ अंतःकोण (x + 10)° तथा (2x + 20)° हैं।
बाह्य कोण प्रमेय से
(x + 10) + (2x + 20) = 120 3x + 30 = 120 3x = 90 x = 30अतः दोनों दूरस्थ अंतःकोण 40° और 80° हैं।
🧩 अभ्यास प्रश्न
✍️ 1. △ABC में AB = AC और ∠B = 58° है। ∠C और ∠A ज्ञात कीजिए।
✍️ 2. किसी त्रिभुज का बाह्य कोण 125° है और एक दूरस्थ अंतःकोण 55° है। दूसरा दूरस्थ अंतःकोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 3. किसी त्रिभुज के दो कोण 42° और 79° हैं। तीसरा कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 4. △ABC में AC > AB है। ∠B और ∠C की तुलना कीजिए।
✍️ 5. △PQR में ∠P > ∠Q है। QR और PR की तुलना कीजिए।
✍️ 6. जाँचिए कि 5 cm, 6 cm, 10 cm से त्रिभुज बन सकता है या नहीं।
✍️ 7. जाँचिए कि 4 cm, 7 cm, 12 cm से त्रिभुज बन सकता है या नहीं।
✍️ 8. △ABC में ∠A = 80°, ∠B = 60° और ∠C = 40° हैं। भुजाओं को बड़ी से छोटी के क्रम में लिखिए।
✍️ 9. एक समद्विबाहु त्रिभुज का शीर्ष कोण 36° है। प्रत्येक आधार कोण ज्ञात कीजिए।
✍️ 10. बाह्य कोण 132° है और दूरस्थ अंतःकोण (x + 12)° तथा (2x + 6)° हैं। x ज्ञात कीजिए।
1. ∠C = 58°, ∠A = 64°
2. 70°
3. 59°
4. ∠B > ∠C
5. QR > PR
6. हाँ; 5 + 6 > 10
7. नहीं; 4 + 7 < 12
8. BC > AC > AB
9. 72°, 72°
10. x = 38
⚠️ सामान्य गलत धारणाएँ
🔹 दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा के बराबर हो तो भी त्रिभुज बन सकता है।
गलत। योग तीसरी भुजा से बड़ा होना चाहिए।
🔹 बड़ी भुजा के सामने छोटा कोण होता है।
गलत। बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण होता है।
🔹 बाह्य कोण केवल एक दूरस्थ अंतःकोण के बराबर होता है।
गलत। बाह्य कोण दो दूरस्थ अंतःकोणों के योग के बराबर होता है।
🔹 समद्विबाहु त्रिभुज में केवल भुजाएँ बराबर होती हैं।
अधूरा कथन। समान भुजाओं के सामने के कोण भी बराबर होते हैं।
🔹 प्रमेय और उसका विलोम हमेशा दोनों सही होते हैं।
हर कथन के लिए यह आवश्यक नहीं है। इस पेज पर दिए गए संबंधित विलोम अलग से सिद्ध किए गए हैं।
✅ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
🔹 AB = AC ⇒ ∠B = ∠C
🔹 ∠B = ∠C ⇒ AB = AC
🔹 बाह्य कोण = दो दूरस्थ अंतःकोणों का योग।
🔹 त्रिभुज के तीनों अंतःकोणों का योग 180°।
🔹 बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण।
🔹 बड़े कोण के सामने बड़ी भुजा।
🔹 किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा।
🔹 प्रमेय के प्रश्नों में पहले दिए गए तथ्य, फिर लागू होने वाला प्रमेय, और अंत में निष्कर्ष स्पष्ट लिखें।