त्रिकोणमिति में कोणों का मापन (Measurement of Trigonometrical Angles)

🎯 इस पाठ के अंत तक आप क्या सीखेंगे?

👉 त्रिकोणमितीय कोण, धनात्मक और ऋणात्मक कोण

👉 ज्यामितीय कोण और त्रिकोणमितीय कोण में अंतर

👉 डिग्री और रेडियन पद्धति

👉 वृत्तचाप, त्रिज्या और कोण का संबंध

👉 सूत्र को सरल भाषा में समझाया गया है

त्रिकोणमिति क्या है?

त्रिकोणमिति गणित की एक महत्वपूर्ण शाखा है। इसमें त्रिभुज की भुजाओं, कोणों और उनके पारस्परिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है। लेकिन त्रिकोणमिति केवल त्रिभुजों तक सीमित नहीं है। कोणों का मापन, घूर्णन, वृत्तीय गति, तरंगें, खगोल विज्ञान और भौतिकी के अनेक क्षेत्रों में इसका उपयोग होता है। सरल शब्दों में, त्रिकोणमिति कोणों और अनुपातों की सहायता से मापन करने की एक विधि है।

ज्यामितीय कोण और त्रिकोणमितीय कोण में अंतर

प्रारंभिक ज्यामिति में सामान्यतः से 360° तक के धनात्मक कोणों का अध्ययन किया जाता है। लेकिन त्रिकोणमिति में कोण का मान 360° से अधिक भी हो सकता है और ऋणात्मक भी। इसलिए त्रिकोणमितीय कोणों का मापन ज्यामितीय कोणों के मापन से अधिक व्यापक है।

विषयज्यामितीय कोणत्रिकोणमितीय कोण
सीमाघूर्णन की दिशाउपयोग

सामान्यतः से 360° तक

सामान्यतः घूर्णन की दिशा पर विशेष जोर नहीं होताआकृतियों और ज्यामितीय निर्माण में अधिक उपयोग
कोई भी धनात्मक या ऋणात्मक मान हो सकता हैवामावर्त धनात्मक, दक्षिणावर्त ऋणात्मकघूर्णन, तरंग, वृत्तीय गति और उच्च गणित में उपयोग

त्रिकोणमितीय कोण की अवधारणा

त्रिकोणमितीय कोण

त्रिकोणमितीय कोण

मान लें कि बिंदु O से OX एक स्थिर किरण है। अब OP नाम की दूसरी किरण O को केंद्र मानकर घूमती हुई OX स्थिति से OP स्थिति में आती है। तब OX और OP के बीच बना कोण त्रिकोणमितीय कोण कहलाता है।

O बिंदु शीर्षबिंदु है

OX किरण को प्रारंभिक भुजा या Initial Arm कहते हैं

OP किरण को अंतिम भुजा या Final Arm कहते हैं

∠XOP बना हुआ त्रिकोणमितीय कोण है

धनात्मक और ऋणात्मक कोण

त्रिकोणमितीय कोण

त्रिकोणमितीय कोण

त्रिकोणमिति में कोण किस दिशा में बन रहा है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।

⭐ यदि घूमने वाली किरण घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में अर्थात वामावर्त घूमती है, तो बना कोण धनात्मक कोण कहलाता है।

⭐ यदि घूमने वाली किरण घड़ी की सुई की दिशा में अर्थात दक्षिणावर्त घूमती है, तो बना कोण ऋणात्मक कोण कहलाता है।

📚 याद रखें:

Anticlockwise rotation = Positive angle

Clockwise rotation = Negative angle.

कोण मापन की पद्धतियाँ

त्रिकोणमिति में कोण मापने की कई पद्धतियाँ हैं। स्कूल स्तर पर डिग्री पद्धति और रेडियन पद्धति का सबसे अधिक उपयोग होता है।

🔸 षष्टिक पद्धति या डिग्री पद्धति (Sexagesimal System)

🔸 वृत्तीय पद्धति या रेडियन पद्धति (Circular System)

🔸 शतांश पद्धति या ग्रेड पद्धति (Centesimal System)

ग्रेड पद्धति का उपयोग अपेक्षाकृत कम होता है। इस पाठ में पहले दो तरीकों को विस्तार से समझाया गया है।

षष्टिक पद्धति या डिग्री पद्धति

इस पद्धति में एक समकोण को 90 बराबर भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक भाग को एक डिग्री कहते हैं।

⭐ एक समकोण = 90°

1° = 60 मिनट = 60′

1′ = 60 सेकंड = 60″

📚 उदाहरण: 30° 20′ 15″ का अर्थ है 30 डिग्री, 20 मिनट और 15 सेकंड।

वृत्तीय पद्धति या रेडियन पद्धति

वृत्तीय पद्धति में कोण मापन की इकाई रेडियन है। उच्च गणित, भौतिकी और कैलकुलस में रेडियन पद्धति अधिक उपयोगी है, क्योंकि वृत्तीय गति और त्रिकोणमितीय फलनों में यह स्वाभाविक और सुविधाजनक होती है।

रेडियन क्या है?
1 रेडियन कोण

1 रेडियन कोण

किसी वृत्त में त्रिज्या के बराबर लंबाई वाला चाप केंद्र पर जो कोण बनाता है, उस कोण को एक रेडियन कहते हैं।

अर्थात, यदि किसी वृत्त की त्रिज्या r है और r के बराबर लंबाई वाला चाप केंद्र पर कोई कोण बनाता है, तो उस केंद्रीय कोण को = 1c या एक रेडियन कहते हैं।

📚 आधुनिक संकेतन: रेडियन के लिए सामान्यतः rad लिखा जाता है। जैसे: 1 rad, 2 rad, θ rad

π, वृत्त की परिधि और रेडियन

वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात सदैव नियत होता है। इस नियतांक को π (पाई) से दर्शाया जाता है।

= π

⭐ यदि त्रिज्या r है, तो व्यास = 2r

⭐ इसलिए वृत्त की परिधि = 2πr

📚 π एक अपरिमेय संख्या है। इसे दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में पूर्णतः सटीक नहीं लिखा जा सकता।

π का प्रचलित सन्निकट मान =

π का अधिक सटीक सन्निकट मान =

π ≈ 3.14159

डिग्री और रेडियन का संबंध

एक पूर्ण वृत्त का कोण 360° होता है और उसकी परिधि 2πr होती है। इसलिए पूर्ण वृत्त का केंद्रीय कोण = 2π radian होता है।

360° = 2π radian

180° = π radian

90° = radian

अतः यदि किसी कोण का डिग्री मान D और रेडियन मान R हो, तो

डिग्रीरेडियन
0
30°
45°
60°
90°
180°π

वृत्तचाप, त्रिज्या और कोण का संबंध Relation between arc, radius, and angle

वृत्तचाप, त्रिज्या और कोण का संबंध

वृत्तचाप, त्रिज्या और कोण का संबंध

एक ही वृत्त में दो चापों का अनुपात उनके द्वारा बनाए गए केंद्रीय कोणों के अनुपात के बराबर होता है। इसी विचार से रेडियन पद्धति का महत्वपूर्ण सूत्र प्राप्त होता है।

+

⭐ यदि किसी वृत्त की त्रिज्या r, केंद्रीय कोण के सामने वाले चाप की लंबाई s और कोण का रेडियन मान θ हो, तो

होगा।

दूर स्थित वस्तु की ऊँचाई मापने का सूत्र

दूर स्थित वस्तु की ऊँचाई मापने का सूत्र

यदि r बहुत बड़ा और θ बहुत छोटा हो, तो वृत्तचाप s और ऊँचाई MX लगभग बराबर माने जा सकते हैं। ऐसे मामलों में इस सूत्र का उपयोग करके दूर स्थित वस्तु की ऊँचाई का अनुमान लगाया जा सकता है।

📚 महत्वपूर्ण: इस सूत्र में θ का मान रेडियन में होना चाहिए। यदि कोण डिग्री में हो, तो पहले उसे रेडियन में बदलें।

उदाहरण

🔸 60° को रेडियन में व्यक्त करें

हम जानते हैं, 180° = π radian

इसलिए, 60° = = radian

उत्तर: 60° = radian

🔸 radian को डिग्री में व्यक्त करें

हम जानते हैं, π radian = 180°

इसलिए, π/4 radian = 180°/4 = 45°

उत्तर: π/4 radian = 45°

🔸 यदि s = 10 cm और r = 5 cm, तो θ ज्ञात करें

सूत्र:

यहाँ, s = 10 cm और r = 5 cm

अतः, θ = 10/5 = 2 radian

उत्तर: θ = 2 radian

त्वरित पुनरावृत्ति

🔹 त्रिकोणमिति कोणों, त्रिभुज की भुजाओं और अनुपातों का अध्ययन है।

🔹 वामावर्त घूर्णन से धनात्मक कोण बनता है।

🔹 दक्षिणावर्त घूर्णन से ऋणात्मक कोण बनता है।

🔹 डिग्री पद्धति में 1 समकोण = 90°

🔹 रेडियन पद्धति में त्रिज्या के बराबर लंबाई वाला चाप केंद्र पर 1 radian कोण बनाता है।

🔹 π radian = 180°

🔹 कोण का रेडियन मान

छोटे प्रश्नोत्तर

प्रश्न: क्या त्रिकोणमितीय कोण ऋणात्मक हो सकता है?

उत्तर: हाँ। घड़ी की सुई की दिशा में घूर्णन से बनने वाला कोण ऋणात्मक कोण कहलाता है।

प्रश्न: रेडियन महत्वपूर्ण क्यों है?

उत्तर: वृत्तीय गति, कैलकुलस और उच्च गणित में रेडियन पद्धति सबसे स्वाभाविक और सुविधाजनक होती है।

प्रश्न: 180° कितने रेडियन के बराबर है?

उत्तर: 180° = π radian

प्रश्न: सूत्र में θ किस इकाई में व्यक्त होता है?

उत्तर: θ रेडियन में व्यक्त होता है।

अभ्यास

🔸 30° को रेडियन में व्यक्त करें।

🔸 π/6 radian को डिग्री में व्यक्त करें।

🔸 एक वृत्त में r = 7 cm और s = 14 cm हो, तो θ कितना होगा?

🔸 धनात्मक और ऋणात्मक कोण में अंतर लिखें।

🔸 रेडियन की परिभाषा लिखें।