वृत्त की मूल अवधारणाएँ (Basic Concepts of Circle)
एक पेंसिल कम्पास लो। कम्पास की नुकीली नोक को कॉपी पर किसी एक बिंदु पर स्थिर रखो और पेंसिल वाली भुजा को उस बिंदु के चारों ओर एक पूरा चक्कर घुमाओ। पेंसिल की नोक जो बंद वक्र रेखा बनाएगी, वही परिचित वृत्त (Circle) है।
इस रचना की एक विशेष बात है। कम्पास की नुकीली नोक अपनी जगह से नहीं हिली, और पेंसिल की नोक भी उस स्थिर बिंदु से हर समय समान दूरी पर रही। वृत्त की मूल अवधारणा यहीं से आती है।
पेंसिल कम्पास
Pencil compass drawing a circle
समतल में किसी निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं के समुच्चय को वृत्त कहते हैं।
⭐ केंद्र (Centre) और त्रिज्या (Radius)
वृत्त, केंद्र और त्रिज्या
Circle, Centre & Radius
कम्पास की नुकीली नोक जिस बिंदु पर स्थिर थी, उसे वृत्त का केंद्र (Centre) कहते हैं। मान लेते हैं कि केंद्र O है।
अब वृत्त पर A, B और C कोई भी तीन बिंदु लेते हैं। वृत्त की परिभाषा के अनुसार,
OA = OB = OCकेंद्र से वृत्त पर किसी भी बिंदु तक की यह समान दूरी वृत्त की त्रिज्या (Radius) कहलाती है।
यदि त्रिज्या को r से दर्शाएँ, तो
OA = OB = OC = rआसान तरीके से याद रखें: केंद्र स्थिर रहता है और वृत्त का प्रत्येक बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है।
वृत्त और परिधि (Circumference)
वृत्त केंद्र से निश्चित समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का समुच्चय है। इस बंद वक्र रेखा की कुल लंबाई को वृत्त की परिधि (Circumference) कहते हैं।
⭐ जीवा (Chord)
वृत्त पर दो बिंदु लो, जैसे A और B। इन दोनों बिंदुओं को एक रेखाखंड से मिलाने पर AB मिलता है।
वृत्त पर स्थित किसी भी दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड जीवा कहलाता है।
इसलिए AB एक जीवा है।
एक ही वृत्त में अलग-अलग लंबाई की बहुत-सी जीवाएँ खींची जा सकती हैं।
⭐ व्यास (Diameter)
यदि कोई जीवा वृत्त के केंद्र से होकर गुजरती है, तो उस जीवा का एक विशेष नाम होता है। उसे व्यास (Diameter) कहते हैं।
मान लें कि जीवा XY, केंद्र O से होकर गुजरती है। तब XY एक व्यास है।
इस स्थिति में,
XO = OY = rअतः,
XY = XO + OY = r + r = 2rइसलिए,
d = 2rयहाँ d व्यास और r त्रिज्या है।
जीवा और व्यास के बारे में जरूरी बातें
- वृत्त के किसी भी दो बिंदुओं को मिलाने पर एक जीवा मिलती है।
- जो जीवा केंद्र से होकर जाती है, वही व्यास है।
- हर व्यास एक जीवा है।
- लेकिन हर जीवा व्यास नहीं होती।
- व्यास की लंबाई त्रिज्या की दोगुनी होती है।
- एक ही वृत्त में व्यास सबसे लंबी जीवा होती है।
⭐ वृत्तचाप (Arc)
वृत्त पर X और Y दो बिंदु चिह्नित करें। वृत्त की वक्र सीमा पर X से Y तक जाने के दो अलग-अलग रास्ते मिलते हैं।
इन वक्र रास्तों में से प्रत्येक को वृत्तचाप (Arc) कहते हैं।
लघु चाप (Minor Arc)
दो अंतिम बिंदुओं के बीच छोटा चाप लघु चाप (Minor Arc) कहलाता है।
जैसे, छोटे चाप को XY से दर्शाया जा सकता है।
दीर्घ चाप (Major Arc)
उन्हीं दो अंतिम बिंदुओं के बीच बड़ा चाप दीर्घ चाप (Major Arc) कहलाता है।
दीर्घ चाप को स्पष्ट रूप से लिखने के लिए सामान्यतः तीन अक्षरों का उपयोग करना सुविधाजनक होता है। यदि बड़े चाप पर P बिंदु है, तो उस चाप को XPY लिखा जा सकता है।
पहचानने की आसान तरकीब: समान दो अंतिम बिंदुओं के बीच छोटा वक्र रास्ता Minor Arc और बड़ा वक्र रास्ता Major Arc होता है।
⭐ अर्धवृत्त (Semicircle)
अब मान लें कि X और Y किसी व्यास के दो अंतिम बिंदु हैं। व्यास वृत्त को दो बराबर भागों में बाँट देता है।
इसलिए X से Y तक दोनों ओर के चाप बराबर होते हैं। प्रत्येक चाप वृत्त की कुल परिधि का आधा होता है।
इनमें से प्रत्येक आधे भाग को अर्धवृत्त (Semicircle) कहते हैं।
अर्थात, यदि दो समान अंतिम बिंदुओं के बीच के दोनों चाप बराबर हों, तो वे अंतिम बिंदु किसी व्यास के सिरे होते हैं।
वृत्ताकार क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण भाग
वृत्त के अंदर के क्षेत्र को अलग-अलग तरीकों से बाँटा जा सकता है। इनमें वृत्तखंड (Segment) और त्रिज्यखंड (Sector) सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं।
⭐ वृत्तखंड (Segment)
एक जीवा वृत्ताकार क्षेत्र को सामान्यतः दो भागों में बाँटती है।
एक जीवा और उससे संबंधित वृत्तचाप से घिरा क्षेत्र वृत्तखंड कहलाता है।
मान लें कि AB एक जीवा है। तब जीवा AB और उससे संबंधित एक चाप मिलकर एक वृत्तखंड बनाते हैं।
लघु वृत्तखंड (Minor Segment)
जीवा और उसके छोटे चाप के बीच का छोटा क्षेत्र लघु वृत्तखंड कहलाता है।
दीर्घ वृत्तखंड (Major Segment)
उसी जीवा और उसके बड़े चाप के बीच का बड़ा क्षेत्र दीर्घ वृत्तखंड कहलाता है।
वृत्तखंड पहचानने के लिए जीवा खोजें। एक जीवा + एक चाप = एक वृत्तखंड।⭐ त्रिज्यखंड (Sector)
वृत्त के केंद्र O से वृत्त पर स्थित A और B बिंदुओं तक दो त्रिज्याएँ खींचें। अर्थात OA और OB खींचें।
ये दोनों त्रिज्याएँ और इनके बीच का एक चाप मिलकर वृत्ताकार क्षेत्र के एक भाग को घेरते हैं।
दो त्रिज्याओं और उनके बीच के वृत्तचाप से घिरा क्षेत्र त्रिज्यखंड कहलाता है।
लघु त्रिज्यखंड (Minor Sector)
OA, OB और छोटे AB चाप से घिरा छोटा क्षेत्र लघु त्रिज्यखंड है।
दीर्घ त्रिज्यखंड (Major Sector)
उन्हीं दो त्रिज्याओं और बड़े AB चाप से घिरा बड़ा क्षेत्र दीर्घ त्रिज्यखंड है।
त्रिज्यखंड पहचानने के लिए केंद्र खोजें। दो त्रिज्याएँ + एक चाप = एक त्रिज्यखंड।⭐ वृत्तखंड और त्रिज्यखंड को भ्रमित न करें
| तुलना का आधार | वृत्तखंड (Segment) | त्रिज्यखंड (Sector) |
|---|---|---|
| कौन-सी रेखा चाहिए? | एक जीवा | दो त्रिज्याएँ |
| और क्या चाहिए? | एक वृत्तचाप | एक वृत्तचाप |
| छोटा भाग | लघु वृत्तखंड | लघु त्रिज्यखंड |
| बड़ा भाग | दीर्घ वृत्तखंड | दीर्घ त्रिज्यखंड |
एक पंक्ति में अंतर
Segment = Chord + Arc Sector = Two Radii + Arc⭐ वृत्त के भाग एक नजर में
| केंद्र : | वह निश्चित बिंदु जिससे वृत्त का प्रत्येक बिंदु समान दूरी पर होता है। |
| त्रिज्या : | केंद्र से वृत्त पर किसी भी बिंदु तक की दूरी। |
| जीवा : | वृत्त पर स्थित दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड। |
| व्यास : | केंद्र से होकर जाने वाली जीवा। इसकी लंबाई 2r होती है। |
| वृत्तचाप : | वृत्त के दो बिंदुओं के बीच का वक्र भाग। |
| वृत्तखंड : | एक जीवा और एक चाप से घिरा क्षेत्र। |
| त्रिज्यखंड : | दो त्रिज्याओं और एक चाप से घिरा क्षेत्र। |
⭐ छोटे उदाहरण
उदाहरण 1: व्यास कितना है?
एक वृत्त की त्रिज्या 6.5 सेमी है। व्यास ज्ञात करो।
हम जानते हैं,
d = 2rअतः,
d = 2 × 6.5 = 13 सेमी।
उत्तर: 13 सेमी।
उदाहरण 2: कौन-सा Segment और कौन-सा Sector?
यदि किसी क्षेत्र की सीमा जीवा AB और चाप AB से बनी है, तो वह वृत्तखंड (Segment) है।
दूसरी ओर, यदि सीमा दो त्रिज्याओं OA, OB और चाप AB से बनी है, तो वह त्रिज्यखंड (Sector) है।
⭐ अवधारणा जाँचें
🔸 क्या एक वृत्त में एक से अधिक जीवाएँ हो सकती हैं?
हाँ। वृत्त के किसी भी दो बिंदुओं को मिलाने पर एक जीवा मिलती है।
🔸 क्या हर जीवा व्यास होती है?
नहीं। केवल केंद्र से होकर जाने वाली जीवा ही व्यास होती है।
🔸 एक व्यास वृत्त को कितने बराबर भागों में बाँटता है?
दो अर्धवृत्तों में।
🔸 वृत्तखंड की सीमा में क्या होता है?
एक जीवा और एक वृत्तचाप।
🔸 त्रिज्यखंड की सीमा में क्या होता है?
दो त्रिज्याएँ और एक वृत्तचाप।
⚠️ सामान्य गलतियाँ और उनसे कैसे बचें
- जीवा और चाप को एक जैसा न समझें। जीवा सीधा रेखाखंड है, जबकि चाप वक्र भाग है।
- व्यास को बिल्कुल अलग वस्तु न मानें। व्यास वास्तव में केंद्र से होकर जाने वाली एक विशेष जीवा है।
- वृत्तखंड और त्रिज्यखंड को न मिलाएँ। Segment में जीवा होती है, Sector में दो त्रिज्याएँ होती हैं।
- Major Arc लिखते समय तीन अक्षरों का उपयोग करना बेहतर है। इससे यह स्पष्ट रहता है कि किस बड़े चाप की बात हो रही है।
📚 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
🔹 वृत्त के सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते हैं।
🔹 केंद्र से वृत्त तक की निश्चित दूरी ही त्रिज्या है।
🔹 वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड जीवा है।
🔹 केंद्र से होकर जाने वाली जीवा व्यास है।
🔹 d = 2r।
🔹 एक ही वृत्त में व्यास सबसे लंबी जीवा है।
🔹 समान दो अंतिम बिंदुओं के बीच छोटा चाप लघु चाप और बड़ा चाप दीर्घ चाप है।
🔹 व्यास के दोनों अंतिम बिंदु वृत्त को दो बराबर अर्धवृत्तों में बाँटते हैं।
🔹 एक जीवा और एक चाप मिलकर वृत्तखंड बनाते हैं।
🔹 दो त्रिज्याएँ और एक चाप मिलकर त्रिज्यखंड बनाते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
| व्यास | d = 2r |
| जीवा | वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड |
| व्यास | केंद्र से होकर जाने वाली जीवा |
| वृत्तखंड | जीवा + चाप |
| त्रिज्यखंड | दो त्रिज्याएँ + चाप |
आगे सीखें: वृत्त से संबंधित प्रमेय
वृत्त की मूल अवधारणाएँ स्पष्ट हो जाने के बाद अगला कदम है तीन असमरेख बिंदुओं से एकमात्र वृत्त बनाना और जीवा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमेय सीखना।
अगला विषय: वृत्त से संबंधित प्रमेय (Circle Theorems)