समरूपता और समरूप त्रिभुजों के प्रमेय (Similarity Theorems)

हम अपने आसपास कई ऐसी आकृतियाँ देखते हैं जिनका आकार समान होता है, लेकिन माप अलग होता है। उदाहरण के लिए, एक ही फोटो का स्टाम्प, पासपोर्ट और पोस्टकार्ड आकार। इनके माप (Size) अलग हो सकते हैं, पर आकार (Shape) समान रहता है। ऐसी आकृतियों को समरूप (Similar) कहा जाता है।

इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि दो आकृतियाँ, विशेषकर दो त्रिभुज, कब समरूप होते हैं और समरूपता से कौन-कौन से अनुपात तथा ज्यामितीय संबंध प्राप्त होते हैं।


📚 समरूप आकृतियों की मूल अवधारणा

👉 दो सर्वांगसम आकृतियाँ हमेशा समरूप होती हैं।

👉 दो समरूप आकृतियाँ आवश्यक नहीं कि सर्वांगसम भी हों।

👉 सभी वर्ग आपस में समरूप होते हैं।

👉 सभी वृत्त आपस में समरूप होते हैं।

👉 सभी समबाहु त्रिभुज आपस में समरूप होते हैं।

👉 एक वर्ग और एक समचतुर्भुज हमेशा समरूप नहीं होते, क्योंकि उनके संगत कोण हमेशा बराबर नहीं होते।

📚 समरूप बहुभुजों की शर्तें

समान संख्या की भुजाओं वाले दो बहुभुज समरूप होंगे यदि,

  1. उनके संगत कोण बराबर हों, और
  2. उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती हों।

मान लें ABCD और A'B'C'D' दो समरूप चतुर्भुज हैं। तब,

∠A = ∠A', ∠B = ∠B', ∠C = ∠C', ∠D = ∠D'

और

AB/A'B' = BC/B'C' = CD/C'D' = DA/D'A'


📚 समरूप त्रिभुज

यदि दो त्रिभुज समरूप हैं, तो

👉 उनके संगत कोण बराबर होते हैं।

👉 उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं।

यदि △ABC ~ △DEF, तो

∠A = ∠D, ∠B = ∠E, ∠C = ∠F

और

AB/DE = BC/EF = AC/DF

📚 समरूपता का चिह्न

समरूपता के लिए ~ चिह्न का प्रयोग किया जाता है। जैसे,

△ABC ~ △DEF

अक्षरों का क्रम बहुत महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ है A ↔ D, B ↔ E और C ↔ F संगत शीर्ष हैं।


📚 किसी रेखाखंड को निश्चित अनुपात में विभाजित करना

मान लें P, रेखाखंड AB पर स्थित है। तब P, AB को AP : PB के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करता है।

👉 यदि P, AB का मध्यबिंदु है, तो AP/PB = 1

👉 यदि P, A के अधिक पास है, तो सामान्यतः AP/PB < 1

👉 यदि P, B के अधिक पास है, तो सामान्यतः AP/PB > 1

यदि बिंदु रेखाखंड के बढ़ाए गए भाग पर स्थित हो, तो अनुपात बाह्य विभाजन को दर्शाता है।


⭐ प्रमेय 43: आधारभूत समानुपातिता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem, BPT) या थेल्स प्रमेय

किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर खींची गई रेखा बाकी दो भुजाओं या उनके बढ़ाए गए भागों को समान अनुपात में विभाजित करती है।

दिया है:△ABC में DE ∥ BC। रेखा DE, भुजाओं AB और AC को क्रमशः D और E पर काटती है।
सिद्ध करना है:AD/DB = AE/EC
रचना:B,E तथा C,D को मिलाइए। DM ⟂ AC और EN ⟂ AB खींचिए।
प्रमाण:AD और DB को आधार मानने पर △ADE और △BDE की ऊँचाई EN समान है।
क्षेत्रफल(△ADE) = 1/2 × AD × EN और क्षेत्रफल(△BDE) = 1/2 × DB × EN
क्षेत्रफल(△ADE)/क्षेत्रफल(△BDE) = AD/DB...(i)
इसी प्रकार,AE और EC को आधार मानने पर △ADE और △DEC की ऊँचाई DM समान है।
क्षेत्रफल(△ADE)/क्षेत्रफल(△DEC) = AE/EC...(ii)
लेकिन,△BDE और △DEC एक ही आधार DE पर तथा समान समांतर रेखाओं DE और BC के बीच हैं। इसलिए उनके क्षेत्रफल बराबर हैं।
(i) और (ii) से AD/DB = AE/EC[सिद्ध]

📚 BPT के दो उपयोगी रूप

यदि DE ∥ BC, तो AD/DB = AE/EC से,

AB/DB = AC/EC

और

AD/AB = AE/AC

प्रश्न में दी गई जानकारी के अनुसार सबसे सुविधाजनक रूप का प्रयोग किया जा सकता है।


⭐ प्रमेय 44: Basic Proportionality Theorem का विलोम

यदि कोई रेखा किसी त्रिभुज की दो भुजाओं या उनके बढ़ाए गए भागों को समान अनुपात में विभाजित करती है, तो वह रेखा तीसरी भुजा के समांतर होती है।

दिया है:△ABC की AB और AC भुजाओं को एक रेखा क्रमशः D और E पर इस प्रकार काटती है कि AD/DB = AE/EC
सिद्ध करना है:DE ∥ BC
रचना:B,E तथा C,D को मिलाइए। DM ⟂ AC और EN ⟂ AB खींचिए।
प्रमाण:पिछले प्रमेय की तरह, क्षेत्रफल(△ADE)/क्षेत्रफल(△BDE) = AD/DB और क्षेत्रफल(△ADE)/क्षेत्रफल(△DEC) = AE/EC
चूँकि,AD/DB = AE/EC[दिया है]
क्षेत्रफल(△BDE) = क्षेत्रफल(△DEC)
अतः,△BDE और △DEC एक ही आधार DE पर हैं और उनके क्षेत्रफल बराबर हैं। इसलिए उनके तीसरे शीर्ष B और C, DE के समांतर एक ही रेखा पर स्थित हैं।
DE ∥ BC[सिद्ध]

📚 BPT और उसके विलोम को याद रखने का आसान तरीका

👉 समांतर दिया हो → अनुपात प्राप्त करें।

DE ∥ BC ⇒ AD/DB = AE/EC

👉 समान अनुपात दिया हो → समांतरता सिद्ध करें।

AD/DB = AE/EC ⇒ DE ∥ BC

⭐ प्रमेय 45: यदि दो त्रिभुज समानकोणिक हों, तो उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं

दिया है:△ABC और △DEF समानकोणिक हैं, अर्थात ∠A = ∠D, ∠B = ∠E और ∠C = ∠F
सिद्ध करना है:AB/DE = BC/EF = AC/DF
रचना:DE पर DP = AB और DF पर DQ = AC काटिए। PQ मिलाइए।
प्रमाण:△ABC और △DPQ में AB = DP, AC = DQ और ∠A = ∠D
△ABC ≅ △DPQ[SAS सर्वांगसमता]
अतः,∠B = ∠P। लेकिन ∠B = ∠E, इसलिए ∠P = ∠E और PQ ∥ EF
BPT से,DP/DE = DQ/DF। चूँकि DP = AB और DQ = AC, इसलिए AB/DE = AC/DF...(i)
इसी प्रकार,AB/DE = BC/EF...(ii)
AB/DE = BC/EF = AC/DF[सिद्ध]

📚 परिणाम: AA या AAA समरूपता कसौटी

यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो वे समरूप होते हैं। व्यवहार में दो-दो संगत कोण बराबर होना ही पर्याप्त है, क्योंकि तीसरे कोण अपने-आप बराबर हो जाते हैं।

∠A = ∠D, ∠B = ∠E ⇒ △ABC ~ △DEF


⭐ प्रमेय 46: संगत भुजाएँ समानुपाती हों तो संगत कोण बराबर होते हैं

दिया है:△ABC और △DEF में AB/DE = BC/EF = AC/DF
सिद्ध करना है:∠A = ∠D, ∠B = ∠E, ∠C = ∠F; अर्थात △ABC ~ △DEF
रचना:DE पर DP = AB तथा DF पर DQ = AC काटिए। PQ मिलाइए।
प्रमाण:AB/DE = AC/DF तथा AB = DP, AC = DQ से DP/DE = DQ/DF
BPT के विलोम से PQ ∥ EF। अतः ∠P = ∠E और ∠Q = ∠F
फिर,PQ ∥ EF से DP/DE = PQ/EF। क्योंकि DP = AB, इसलिए AB/DE = PQ/EF...(i)
लेकिन,AB/DE = BC/EF[दिया है] ...(ii)
(i) और (ii) से PQ = BC
अब,△ABC और △DPQ में AB = DP, BC = PQ और AC = DQ
△ABC ≅ △DPQ[SSS सर्वांगसमता]
अतः,∠A = ∠D, ∠B = ∠P = ∠E और ∠C = ∠Q = ∠F
इसलिए,△ABC ~ △DEF[सिद्ध]

📚 परिणाम: SSS समरूपता कसौटी

यदि दो त्रिभुजों की तीनों जोड़ी संगत भुजाएँ समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

AB/DE = BC/EF = AC/DF ⇒ △ABC ~ △DEF


⭐ प्रमेय 47: SAS समरूपता कसौटी

यदि एक जोड़ी संगत कोण बराबर हो और उन कोणों को बनाने वाली दो-दो संगत भुजाएँ समानुपाती हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।

दिया है:△ABC और △DEF में ∠A = ∠D तथा AB/DE = AC/DF
सिद्ध करना है:△ABC ~ △DEF
प्रमाण:दोनों त्रिभुजों को इस प्रकार तुलना करें कि समान कोण ∠A और ∠D एक-दूसरे पर आएँ तथा AB, AC क्रमशः DE, DF की दिशा में हों। दी गई भुजाओं के अनुपात से संबंधित विभाजन भी समान अनुपात में होगा।
BPT के विलोम से संबंधित जोड़ने वाली रेखा तीसरी भुजा के समांतर होगी।
अतः,∠B = ∠E और ∠C = ∠F
इसलिए,△ABC ~ △DEF[सिद्ध]

📚 परिणाम: SAS समरूपता कसौटी

∠A = ∠D और AB/DE = AC/DF ⇒ △ABC ~ △DEF


📚 दो त्रिभुज कब समरूप होंगे?

मुख्य तीन समरूपता कसौटियाँ हैं:

👉 AA/AAA: संगत कोण बराबर हों।

👉 SSS: तीनों जोड़ी संगत भुजाएँ समानुपाती हों।

👉 SAS: एक जोड़ी संगत कोण बराबर हो और उस कोण को बनाने वाली भुजाएँ समानुपाती हों।

इनमें से कोई भी एक कसौटी सही तरह से पूरी होने पर दोनों त्रिभुज समरूप होंगे।


⭐ प्रमेय 48: समकोण त्रिभुज में कर्ण पर लंब खींचने से बनने वाले त्रिभुज समरूप होते हैं

किसी समकोण त्रिभुज के समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लंब खींचने पर बने दोनों छोटे त्रिभुज मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं और आपस में भी समरूप होते हैं।

दिया है:△ABC में ∠A = 90° और AD ⟂ BC
सिद्ध करना है:(i) △DBA ~ △ABC, (ii) △DAC ~ △ABC, और (iii) △DBA ~ △DAC
प्रमाण:△DBA और △ABC में ∠BDA = ∠BAC = 90° तथा ∠ABD = ∠CBA
AA समरूपता से △DBA ~ △ABC[(i) सिद्ध]
फिर,△DAC और △ABC में ∠ADC = ∠BAC = 90° तथा ∠ACD = ∠BCA
AA समरूपता से △DAC ~ △ABC[(ii) सिद्ध]
अतः,दोनों छोटे त्रिभुज △ABC के समरूप हैं, इसलिए △DBA ~ △DAC[(iii) सिद्ध]

📚 प्रमेय 48 से मिलने वाले तीन महत्वपूर्ण संबंध

इसी आकृति में,

AB² = BC × BD AD² = BD × CD

AC² = BC × CD

दूसरा संबंध बताता है कि कर्ण पर खींचा गया लंब AD, कर्ण के दोनों भागों BD और CD का मध्य समानुपाती है।


📚 हल किए हुए उदाहरण

उदाहरण 1: BPT का प्रयोग

△ABC में DE ∥ BC। यदि AD = 4 cm, DB = 6 cm और AE = 5 cm, तो EC ज्ञात कीजिए।

BPT से,

AD/DB = AE/EC 4/6 = 5/EC 4EC = 30

अतः,

EC = 7.5 cm

उदाहरण 2: SSS से समरूपता पहचानना

दो त्रिभुजों की भुजाएँ क्रमशः 3 cm, 4 cm, 5 cm और 6 cm, 8 cm, 10 cm हैं।

3/6 = 4/8 = 5/10 = 1/2

तीनों जोड़ी संगत भुजाएँ समानुपाती हैं। इसलिए दोनों त्रिभुज SSS समरूपता कसौटी से समरूप हैं।

उदाहरण 3: समरूपता से अज्ञात भुजा ज्ञात करना

यदि △ABC ~ △DEF, AB = 6 cm, DE = 9 cm और BC = 8 cm, तो EF ज्ञात कीजिए।

संगत भुजाएँ समानुपाती होंगी,

AB/DE = BC/EF 6/9 = 8/EF 6EF = 72

अतः,

EF = 12 cm


✍️ अभ्यास प्रश्न

  1. △ABC में DE ∥ BC। यदि AD = 3 cm, DB = 5 cm और AE = 4.5 cm, तो EC ज्ञात कीजिए।

  2. △ABC की भुजाओं AB और AC को एक रेखा क्रमशः D और E पर काटती है। यदि AD = 4 cm, DB = 6 cm, AE = 6 cm और EC = 9 cm, तो सिद्ध कीजिए कि DE ∥ BC

  3. दो त्रिभुजों के कोण 45°, 65°, 70° और 45°, 65°, 70° हैं। किस समरूपता कसौटी से वे समरूप सिद्ध होंगे?

  4. दो त्रिभुजों की भुजाएँ 5, 7, 8 और 10, 14, 16 हैं। क्या वे समरूप हैं?

  5. दो त्रिभुजों में एक-एक अंतर्विष्ट कोण 60° है। उस कोण के आसपास की भुजाएँ पहले त्रिभुज में 4 cm, 6 cm और दूसरे में 10 cm, 15 cm हैं। क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?

  6. किसी समकोण त्रिभुज में कर्ण पर खींचा गया लंब कर्ण को 9 cm और 16 cm के भागों में बाँटता है। लंब की लंबाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर
  1. EC = 7.5 cm
  2. AD/DB = 4/6 = 2/3 और AE/EC = 6/9 = 2/3। इसलिए BPT के विलोम से DE ∥ BC
  3. AA/AAA समरूपता।
  4. हाँ, SSS से क्योंकि 5/10 = 7/14 = 8/16 = 1/2
  5. हाँ, SAS से क्योंकि 4/10 = 6/15 = 2/5 और अंतर्विष्ट कोण बराबर हैं।
  6. AD² = 9 × 16 = 144, इसलिए AD = 12 cm

⚠️ सामान्य गलतियाँ

👉 गलती: समरूप आकृतियों को हमेशा सर्वांगसम मान लेना।
सही: सर्वांगसम आकृतियाँ समरूप होती हैं, लेकिन समरूप आकृतियों का माप अलग हो सकता है।

👉 गलती: किसी भी दो बहुभुजों के लिए केवल संगत कोण बराबर होना पर्याप्त मानना।
सही: सामान्य बहुभुजों के लिए संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती दोनों होना चाहिए।

👉 गलती: DE ∥ BC से सीधे AD/AE = DB/EC लिखना।
सही: संगत भागों को सही तरह मिलाएँ: AD/DB = AE/EC

👉 गलती: समरूप त्रिभुजों के नाम में शीर्षों का क्रम अनदेखा करना।
सही: △ABC ~ △DEF में A ↔ D, B ↔ E, C ↔ F

👉 गलती: SAS समरूपता में किसी भी दो भुजाओं के अनुपात का प्रयोग करना।
सही: समान कोण को बनाने वाली दोनों भुजाएँ समानुपाती होनी चाहिए।

👉 गलती: BPT और उसके विलोम का एक जैसा प्रयोग करना।
सही: समांतरता दी हो तो BPT से अनुपात निकालें; समान अनुपात दिया हो तो विलोम BPT से समांतरता सिद्ध करें।


📚 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

👉 समरूप आकृतियों का आकार समान होता है, लेकिन माप समान या अलग हो सकता है।

👉 सर्वांगसम आकृतियाँ हमेशा समरूप होती हैं, पर समरूप आकृतियाँ हमेशा सर्वांगसम नहीं होतीं।

👉 समरूप बहुभुजों के संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं।

👉 DE ∥ BC ⇒ AD/DB = AE/EC। यह Basic Proportionality Theorem है।

👉 AD/DB = AE/EC ⇒ DE ∥ BC। यह BPT का विलोम है।

👉 AA/AAA में संगत कोण बराबर होते हैं।

👉 SSS में तीनों जोड़ी संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं।

👉 SAS में एक जोड़ी संगत कोण बराबर और उस कोण की धारक भुजाएँ समानुपाती होती हैं।

👉 समकोण शीर्ष से कर्ण पर लंब खींचने पर बने तीनों त्रिभुज परस्पर समरूप होते हैं।

👉 उसी आकृति में AB² = BC × BD, AD² = BD × CD और AC² = BC × CD