लंब और तिर्यक रेखाखंडों से संबंधित प्रमेय (Theorems on Perpendicular and Oblique Segments)

किसी सीधी रेखा के बाहर स्थित एक बिंदु से उस रेखा के अलग-अलग बिंदुओं तक अनेक रेखाखंड खींचे जा सकते हैं। लेकिन इन सभी की लंबाई समान नहीं होती। बाहरी बिंदु से रेखा पर खींचा गया लंब रेखाखंड सबसे छोटा होता है। साथ ही, दो तिर्यक रेखाखंडों में जिस तिर्यक का पाद लंब के पाद से अधिक दूर होता है, वह तिर्यक अधिक लंबा होता है।

इन दोनों महत्वपूर्ण परिणामों को नीचे प्रमेय और प्रमाण की सहायता से चरणबद्ध तरीके से समझते हैं।

📚 लंब और तिर्यक रेखाखंड क्या हैं?

मान लीजिए AB एक सीधी रेखा है और O उसके बाहर स्थित एक बिंदु है। O से AB पर OP लंब खींचा गया है।

👉 यदि OP ⟂ AB, तो OP को लंब रेखाखंड (Perpendicular Segment) कहते हैं।

👉 O को AB के किसी अन्य बिंदु Q से मिलाने वाला OQ तिर्यक रेखाखंड (Oblique Segment) कहलाता है।

👉 P को लंब का पाद (Foot of the Perpendicular) कहते हैं।

⭐ किसी बाहरी बिंदु से रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में लंब सबसे छोटा होता है

लंब की लंबाई सबसे कम होती है

लंब की लंबाई सबसे कम होती है

OP ⟂ AB

दिया गया है:

मान लें AB एक सीधी रेखा है और O उसके बाहर स्थित एक बिंदु है। OP, AB पर लंब है, अर्थात OP ⟂ AB।

सिद्ध करना है:

AB पर P के अतिरिक्त किसी भी बिंदु Q के लिए OP,OQ से छोटा है, अर्थात OP < OQ।

रचना:

AB पर P के अलावा कोई बिंदु Q लें और OQ को मिलाएँ।

प्रमाण:

△OPQ में ∠OPQ = 90°। [क्योंकि OP ⟂ AB तथा P और Q दोनों AB पर स्थित हैं]

∴

∠OQP < 90°। [समकोण त्रिभुज के अन्य दोनों कोण न्यूनकोण होते हैं]

∴

∠OPQ > ∠OQP।

∴

OQ > OP। [त्रिभुज में बड़े कोण की विपरीत भुजा अधिक लंबी होती है]

लेकिन,

Q, AB पर P के अतिरिक्त कोई भी बिंदु हो सकता है।

∴

AB पर Q की किसी भी स्थिति के लिए OP < OQ।

∴

O से AB तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में OP की लंबाई सबसे कम है। [सिद्ध हुआ]

📚 महत्वपूर्ण परिणाम: बिंदु से रेखा की दूरी

ऊपर के प्रमेय से पता चलता है कि किसी बिंदु से एक रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में लंब सबसे छोटा होता है।

👉 इसलिए, किसी बिंदु से एक रेखा की दूरी उस बिंदु से रेखा पर खींचे गए लंब रेखाखंड की लंबाई होती है।

अर्थात ऊपर की आकृति में O से AB की दूरी OP है।

⭐ लंब के पाद से जिस तिर्यक का पाद अधिक दूर होता है, वह तिर्यक अधिक लंबा होता है

तिर्यक रेखाखंड की लंबाई

तिर्यक रेखाखंड की लंबाई

OE < OD

मान लें बाहरी बिंदु O से रेखा AB पर OC लंब है। OD और OE दो तिर्यक रेखाखंड हैं। नीचे के प्रमाण में C, E, D एक ही ओर C-E-D क्रम में स्थित हैं, इसलिए CD > CE।

दिया गया है:

AB एक सीधी रेखा है और O उसके बाहर स्थित एक बिंदु है। OC ⟂ AB तथा OD, OE दो तिर्यक रेखाखंड हैं। C, E, D एक ही ओर एक ही रेखा पर स्थित हैं और CD > CE।

सिद्ध करना है:

OD > OE।

प्रमाण:

△OCE में ∠OCE = 90°। [क्योंकि OC ⟂ AB]

∴

∠OEC < 90°। [समकोण त्रिभुज के अन्य दोनों कोण न्यूनकोण होते हैं]

पुनः,

EC और ED विपरीत किरणें हैं।

∴

∠OEC + ∠OED = 180°।

∴

∠OED > 90°। [क्योंकि ∠OEC < 90°]

पुनः,

△OCD में ∠OCD = 90°। [क्योंकि OC ⟂ AB]

∴

∠ODC < 90°।

बिंदु D से E और C एक ही दिशा में स्थित हैं, इसलिए DE और DC एक ही किरण हैं।

∴

∠ODE = ∠ODC < 90°।

अतः,

△OED में ∠OED > ∠ODE।

∴

OD > OE। [त्रिभुज में बड़े कोण की विपरीत भुजा अधिक लंबी होती है] [सिद्ध हुआ]

📚 सामान्य अर्थ

ऊपर के कोण-आधारित प्रमाण में D और E को C के एक ही ओर माना गया है। लेकिन यह परिणाम अधिक सामान्य है। D और E किसी भी ओर हों, यदि D लंब के पाद C से E की तुलना में अधिक दूर है, तो OD > OE होगा।

यदि पाइथागोरस प्रमेय ज्ञात है, तो इसे बहुत आसानी से समझा जा सकता है:

OD² = OC² + CD²

और

OE² = OC² + CE²

क्योंकि CD > CE, इसलिए CD² > CE²।

अतः OC² + CD² > OC² + CE²।

इसलिए OD² > OE² और परिणामस्वरूप OD > OE।

💡 आसान उदाहरण 1

मान लें रेखा AB के बाहर स्थित बिंदु O से OP लंब तथा OQ एक तिर्यक रेखाखंड है। यदि OP = 5 सेमी है, तो OQ की लंबाई के बारे में क्या कहा जा सकता है?

पहले प्रमेय के अनुसार,

OP < OQ

अर्थात,

5 < OQ।

इसलिए OQ की लंबाई 5 सेमी से अधिक होगी।

💡 आसान उदाहरण 2

मान लें OC ⟂ AB, CD = 8 सेमी और CE = 5 सेमी। OD और OE दो तिर्यक रेखाखंड हैं। कौन-सा बड़ा है?

क्योंकि,

CD > CE,

इसलिए दूसरे प्रमेय के अनुसार,

OD > OE।

अर्थात D, लंब के पाद C से अधिक दूर है, इसलिए OD, OE से लंबा है।

💡 पाइथागोरस प्रमेय से संख्यात्मक उदाहरण

मान लें OC ⟂ AB, OC = 6 सेमी तथा CD = 8 सेमी। OD ज्ञात कीजिए।

समकोण त्रिभुज OCD में,

OD² = OC² + CD² = 6² + 8² = 36 + 64 = 100

अतः,

OD = 10 सेमी।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि तिर्यक रेखाखंड OD, लंब OC से बड़ा है।

📚 दो और सीधे निष्कर्ष

⭐ यदि लंब के पाद से दो तिर्यक रेखाखंडों के पाद समान दूरी पर हों, तो दोनों तिर्यक रेखाखंडों की लंबाइयाँ समान होती हैं।

⭐ एक ही बाहरी बिंदु से खींचे गए तिर्यक का पाद जैसे-जैसे लंब के पाद से दूर जाता है, तिर्यक की लंबाई बढ़ती जाती है।

✏️ अभ्यास प्रश्न

🔹 1. OP, रेखा AB पर लंब है और OQ एक तिर्यक रेखाखंड है। यदि OP = 7 सेमी है, तो क्या OQ = 6.5 सेमी हो सकता है? कारण दीजिए।

🔹 2. OC ⟂ AB। यदि CD = 4 सेमी और CE = 9 सेमी है, तो OD और OE की तुलना कीजिए।

🔹 3. किसी बिंदु P से रेखा l की दूरी 5 सेमी है। P से l पर खींचे गए लंब की लंबाई कितनी होगी?

🔹 4. OC ⟂ AB, OC = 9 सेमी और CD = 12 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय से OD ज्ञात कीजिए।

🔹 5. एक ही बाहरी बिंदु से OX और OY दो तिर्यक रेखाखंड खींचे गए हैं। उनके पाद X और Y, लंब के पाद C से समान दूरी पर हैं। OX और OY की तुलना कीजिए।

🔹 6. एक वाक्य में समझाइए कि किसी बिंदु से सीधी रेखा तक सबसे छोटा मार्ग रेखा पर लंब क्यों होता है।

✅ अभ्यास प्रश्नों के उत्तर+

1. नहीं। एक ही बाहरी बिंदु से खींचे गए प्रत्येक तिर्यक की तुलना में लंब छोटा होता है, इसलिए OQ > 7 सेमी होगा।

2. क्योंकि CE > CD, इसलिए OE > OD।

3. 5 सेमी।

4. OD² = 9² + 12² = 81 + 144 = 225, इसलिए OD = 15 सेमी।

5. OX = OY।

6. क्योंकि बिंदु से रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में लंब की लंबाई सबसे कम होती है।

⚠️ सामान्य गलतियाँ

👉 गलत: ∠OED < 90° लिखना।
👉 सही: यदि क्रम C-E-D है, तो ∠OED > 90°, क्योंकि यह न्यूनकोण ∠OEC का संपूरक कोण है।

👉 गलत: ∠ODE > 90° मान लेना।
👉 सही: ∠ODE = ∠ODC < 90°।

👉 त्रिभुज में बड़े कोण के सामने वाली भुजा बड़ी होती है। केवल कोण से लगी हुई भुजाओं को देखकर तुलना न करें।

👉 बिंदु से रेखा की दूरी ज्ञात करते समय तिर्यक की लंबाई नहीं, लंब की लंबाई लेनी चाहिए।

📚 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

👉 किसी बाहरी बिंदु से सीधी रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में लंब सबसे छोटा होता है।

👉 बिंदु से रेखा की दूरी = बिंदु से रेखा पर खींचे गए लंब की लंबाई।

👉 उसी बाहरी बिंदु से रेखा तक खींचा गया प्रत्येक तिर्यक लंब से बड़ा होता है।

👉 लंब के पाद से जिस तिर्यक का पाद अधिक दूर होता है, वह तिर्यक अधिक लंबा होता है।

👉 यदि CD > CE, तो OD > OE।

👉 त्रिभुज में बड़े कोण की विपरीत भुजा बड़ी और छोटे कोण की विपरीत भुजा छोटी होती है।