🎯 इस पाठ के अंत तक आप क्या सीखेंगे?

👉 समांतर चतुर्भुज की परिभाषा समझेंगे।

👉 विपरीत भुजाओं और विपरीत कोणों के गुण सीखेंगे।

👉 विकर्णों के गुण समझेंगे।

👉 सर्वांगसम त्रिभुजों की सहायता से मुख्य प्रमेय सिद्ध करेंगे।

👉 किसी चतुर्भुज को समांतर चतुर्भुज सिद्ध करने की विभिन्न कसौटियाँ सीखेंगे।

समांतर चतुर्भुज (Parallelogram) एक विशेष चतुर्भुज है जिसकी दोनों जोड़ी विपरीत भुजाएँ परस्पर समांतर होती हैं।

अर्थात ABCD समांतर चतुर्भुज में,

AB ∥ DC और AD ∥ BC

समांतर चतुर्भुज के गुण (Properties of a Parallelogram)

⭐ समांतर चतुर्भुज का एक विकर्ण उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है। इसलिए उसकी विपरीत भुजाएँ और विपरीत कोण बराबर होते हैं।

ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, अर्थात AB ∥ DC और AD ∥ BC

ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, अर्थात AB ∥ DC और AD ∥ BC

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और AC उसका एक विकर्ण है।
सिद्ध करना है:(1) △ABC ≅ △CDA, (2) AB = DC तथा BC = AD, (3) ∠ABC = ∠ADC तथा ∠BAD = ∠BCD.
प्रमाण:AD ∥ BC और AC एक तिर्यक रेखा है, इसलिए ∠ACB = ∠CAD. ...(i)
AB ∥ DC और AC एक तिर्यक रेखा है, इसलिए ∠BAC = ∠ACD. ...(ii)
AC दोनों त्रिभुजों की समान भुजा है।
अतः △ABC ≅ △CDA [ASA सर्वांगसमता].
इसलिए AB = DC तथा BC = AD [सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ].
साथ ही ∠ABC = ∠ADC, और (i) व (ii) के बराबर कोणों को जोड़ने पर ∠BAD = ∠BCD.
अतः समांतर चतुर्भुज की विपरीत भुजाएँ और विपरीत कोण बराबर होते हैं।

⭐ समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

समांतर चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, O पर प्रतिच्छेद करते हैं

समांतर चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, O पर प्रतिच्छेद करते हैं

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और इसके विकर्ण AC तथा BD, O पर मिलते हैं।
सिद्ध करना है:AO = OC तथा BO = OD.
प्रमाण:AD ∥ BC होने से ∠OAD = ∠OCB.
∠AOD = ∠BOC [शीर्षाभिमुख कोण].
AD = BC [समांतर चतुर्भुज की विपरीत भुजाएँ].
अतः △AOD ≅ △COB [ASA/AAS सर्वांगसमता].
इसलिए AO = OC तथा DO = BO.
अतः समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

⭐ यदि किसी चतुर्भुज की दोनों जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर हों, तो वह समांतर चतुर्भुज होगा।

चतुर्भुज ABCD में AB = DC और AD = BC

चतुर्भुज ABCD में AB = DC और AD = BC

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:AB = DC तथा AD = BC.
सिद्ध करना है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
रचना:BD विकर्ण खींचिए।
प्रमाण:△ABD और △CDB में AB = DC, AD = BC और BD समान भुजा है।
अतः △ABD ≅ △CDB [SSS सर्वांगसमता].
इसलिए ∠ADB = ∠CBD, अतः AD ∥ BC.
इसी प्रकार ∠ABD = ∠CDB, अतः AB ∥ DC.
दोनों जोड़ी विपरीत भुजाएँ समांतर हैं, इसलिए ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

⭐ यदि किसी चतुर्भुज की दोनों जोड़ी विपरीत कोण बराबर हों, तो वह समांतर चतुर्भुज होगा।

चतुर्भुज ABCD में ∠BAD = ∠BCD और ∠ABC = ∠ADC

चतुर्भुज ABCD में ∠BAD = ∠BCD और ∠ABC = ∠ADC

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:∠BAD = ∠BCD और ∠ABC = ∠ADC.
सिद्ध करना है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
प्रमाण:किसी चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है।
∠BAD + ∠ABC + ∠BCD + ∠ADC = 360°.
दिए गए बराबर कोण रखने पर, 2(∠BAD + ∠ABC) = 360°.
अतः ∠BAD + ∠ABC = 180°.
इसलिए AD ∥ BC, क्योंकि तिर्यक AB के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° है।
इसी प्रकार AB ∥ DC.
अतः ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

⭐ यदि किसी चतुर्भुज की एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर और समांतर हों, तो वह समांतर चतुर्भुज होगा।

चतुर्भुज ABCD में AB = DC और AB ∥ DC

चतुर्भुज ABCD में AB = DC और AB ∥ DC

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:AB = DC तथा AB ∥ DC.
सिद्ध करना है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
रचना:AC विकर्ण खींचिए।
प्रमाण:AB ∥ DC और AC तिर्यक होने से ∠BAC = ∠ACD.
△ABC और △CDA में AB = DC, ∠BAC = ∠ACD तथा AC समान भुजा है।
अतः △ABC ≅ △CDA [SAS सर्वांगसमता].
इसलिए ∠ACB = ∠DAC, अतः BC ∥ AD.
अब AB ∥ DC और BC ∥ AD. अतः ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

⭐ यदि किसी चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करें, तो वह चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होगा।

चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, O पर एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं

चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, O पर एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं

प्रमेय का प्रमाण+
दिया है:AO = OC तथा BO = OD.
सिद्ध करना है:ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
प्रमाण:△AOD और △COB में AO = OC तथा OD = OB.
साथ ही ∠AOD = ∠COB [शीर्षाभिमुख कोण].
अतः △AOD ≅ △COB [SAS सर्वांगसमता].
इसलिए AD = BC तथा ∠OAD = ∠OCB.
∠OAD और ∠OCB एकांतर अंतःकोण हैं, इसलिए AD ∥ BC.
इस प्रकार एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर और समांतर हैं। अतः ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

✏️ हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1

समांतर चतुर्भुज ABCD में AB = 8 cm और BC = 5 cm है। DC और AD ज्ञात कीजिए।

हल: समांतर चतुर्भुज की विपरीत भुजाएँ बराबर होती हैं।

DC = AB = 8 cm तथा AD = BC = 5 cm.

उदाहरण 2

समांतर चतुर्भुज PQRS में ∠P = 68° है। अन्य तीन कोण ज्ञात कीजिए।

हल: विपरीत कोण बराबर और आसन्न कोण सम्पूरक होते हैं।

∠R = 68° ∠Q = ∠S = 180° - 68° = 112°

उदाहरण 3

समांतर चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD, O पर मिलते हैं। यदि AO = 6.5 cm और BO = 4 cm, तो AC और BD ज्ञात कीजिए।

हल: विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

AC = 2 × AO = 13 cm BD = 2 × BO = 8 cm

📝 अभ्यास प्रश्न

  1. समांतर चतुर्भुज ABCD में AB = 12 cm और AD = 7 cm है। DC और BC ज्ञात कीजिए।
  2. किसी समांतर चतुर्भुज का एक कोण 125° है। अन्य तीन कोण ज्ञात कीजिए।
  3. किसी समांतर चतुर्भुज के विकर्ण O पर मिलते हैं। यदि AC = 18 cm और BD = 14 cm, तो AO, OC, BO और OD ज्ञात कीजिए।
  4. चतुर्भुज PQRS में PQ = RS और QR = PS है। आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे? प्रयुक्त प्रमेय भी लिखिए।
  5. चतुर्भुज ABCD में AB ∥ DC और AB = DC है। सिद्ध कीजिए कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
  6. चतुर्भुज WXYZ के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। क्या WXYZ अवश्य समांतर चतुर्भुज होगा? कारण दीजिए।
✅ उत्तर

1. DC = 12 cm, BC = 7 cm.

2. कोण 125°, 55°, 125° और 55° होंगे।

3. AO = OC = 9 cm; BO = OD = 7 cm.

4. PQRS एक समांतर चतुर्भुज है, क्योंकि दोनों जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर हैं।

5. एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर और समांतर होने की कसौटी से ABCD समांतर चतुर्भुज है।

6. हाँ। जिस चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, वह समांतर चतुर्भुज होता है।

📚 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

👉 समांतर चतुर्भुज की विपरीत भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं।

👉 समांतर चतुर्भुज के विपरीत कोण बराबर होते हैं।

👉 समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग 180° होता है।

👉 समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

👉 एक विकर्ण समांतर चतुर्भुज को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँटता है।

👉 किसी चतुर्भुज को समांतर चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए आप इन कसौटियों का उपयोग कर सकते हैं: दोनों जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर, दोनों जोड़ी विपरीत कोण बराबर, एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ बराबर और समांतर, या विकर्णों का एक-दूसरे को समद्विभाजित करना।