वृत्त की स्पर्शरेखा से संबंधित प्रमेय (Theorems on Tangents to a Circle)

वृत्त की स्पर्शरेखा (Tangent) वह सीधी रेखा है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है। स्पर्शरेखा, त्रिज्या, केंद्र और स्पर्शबिंदु के बीच कुछ बहुत महत्वपूर्ण संबंध होते हैं। इन संबंधों की सहायता से स्पर्शरेखा की रचना, अज्ञात कोणों की गणना, समान लंबाइयों का प्रमाण और दो स्पर्श करते वृत्तों के केंद्रों की स्थिति समझी जा सकती है।

इस page में स्पर्शरेखा से संबंधित तीन मुख्य प्रमेय और उनके महत्वपूर्ण प्रयोग चरणबद्ध तरीके से समझाए गए हैं।

📚 स्पर्शरेखा और स्पर्शबिंदु क्या हैं?

मान लें कि O केंद्र वाले वृत्त को AB रेखा केवल P बिंदु पर स्पर्श करती है।

👉 AB वृत्त की स्पर्शरेखा (Tangent) है।

👉 P स्पर्शबिंदु (Point of Contact) है।

👉 OP स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

👉 वृत्त के बाहर स्थित बिंदु को बाह्य बिंदु (External Point) कहते हैं।


⭐ प्रमेय 40: वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्शरेखा उस स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है

दिया है:

O केंद्र वाले वृत्त के P बिंदु पर AB स्पर्शरेखा है और OP स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

सिद्ध करना है:OP ⟂ AB
रचना:

AB पर P से अलग कोई भी बिंदु Q लें और OQ मिलाएँ। OQ वृत्त को R पर काटे।

प्रमाण:

Q, स्पर्शबिंदु P से अलग स्पर्शरेखा का बिंदु है, इसलिए वह वृत्त के बाहर स्थित है। अतः R, O और Q के बीच स्थित होगा।

OR < OQ[R, O और Q के बीच है]
फिर,OR = OP[एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ]
OP < OQ
अतः,

केंद्र O से रेखा AB के सभी बिंदुओं तक खींचे गए रेखाखंडों में OP सबसे छोटा है।

किसी बिंदु से रेखा की सबसे छोटी दूरी लंब दूरी होती है। इसलिए OP ⟂ AB[सिद्ध]

📚 प्रमेय का सीधा अर्थ

स्पर्शबिंदु पर त्रिज्या और स्पर्शरेखा के बीच का कोण हमेशा समकोण होता है। अर्थात,

∠OPA = ∠OPB = 90°

स्पर्शरेखा से संबंधित अधिकांश ज्यामितीय प्रमाणों का यही सबसे महत्वपूर्ण आधार है।


⭐ विपरीत कथन: त्रिज्या के अंतिम बिंदु पर त्रिज्या के लंब खींची गई रेखा वृत्त की स्पर्शरेखा होती है

दिया है:

O केंद्र वाले वृत्त की OP एक त्रिज्या है और P से गुजरने वाली रेखा AB, OP पर लंब है। अर्थात OP ⟂ AB

सिद्ध करना है:AB, P पर वृत्त की स्पर्शरेखा है।
रचना:P पर वृत्त की वास्तविक स्पर्शरेखा CD की कल्पना करें या उसे खींचें।
प्रमाण:

चूँकि CD स्पर्शरेखा है और OP स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है, इसलिए OP ⟂ CD

∠OPD = 90°
फिर,दिए अनुसार OP ⟂ AB, इसलिए ∠OPB = 90°
∠OPD = ∠OPB
अतः,

CD और AB एक ही सीधी रेखा हैं, क्योंकि किसी रेखा पर किसी निश्चित बिंदु से केवल एक ही लंब रेखा खींची जा सकती है।

AB, P पर वृत्त की स्पर्शरेखा है। [सिद्ध]

📚 प्रयोग 1: वृत्त के किसी निश्चित बिंदु पर केवल एक स्पर्शरेखा खींची जा सकती है

मान लें P वृत्त का एक निश्चित बिंदु है और OP उस बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

स्पर्शरेखा प्रमेय के अनुसार P पर स्पर्शरेखा को OP पर लंब होना चाहिए। लेकिन P से OP पर केवल एक ही लंब रेखा खींची जा सकती है।

अतः वृत्त के किसी निश्चित बिंदु पर केवल एक स्पर्शरेखा खींची जा सकती है।


📚 प्रयोग 2: स्पर्शबिंदु पर स्पर्शरेखा के लंब खींची गई रेखा केंद्र से होकर जाती है

मान लें AB वृत्त के P बिंदु पर स्पर्शरेखा है। P से AB पर PC लंब खींची गई।

स्पर्शरेखा प्रमेय के अनुसार OP भी AB पर लंब है। अर्थात,

OP ⟂ AB और PC ⟂ AB

परंतु P से AB पर केवल एक ही लंब रेखा खींची जा सकती है। इसलिए PC और PO एक ही सीधी रेखा हैं।

अतः स्पर्शबिंदु पर स्पर्शरेखा के लंब खींची गई रेखा वृत्त के केंद्र से होकर जाती है


📚 प्रयोग 3: स्पर्शरेखा और केंद्र से जाने वाली रेखा की सहायता से कोण ज्ञात करना

मान लें O केंद्र वाले वृत्त के A बिंदु पर AT एक स्पर्शरेखा है। B, O, T समरेखीय हैं और OA, OB एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। दिया है,

∠ATO = x° और ∠OAB = ∠OBA = y°

सिद्ध करना है x = 90 - 2y

चूँकि,AT, A पर स्पर्शरेखा है और OA स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है,
∠OAT = 90°
फिर,∠ATO = x°
△AOT में ∠AOT = 90° - x°...(i)
फिर,OA = OB[एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ]
∠OAB = ∠OBA = y°
अब,△AOB के बाह्य कोण से ∠AOT = ∠OAB + ∠OBA = 2y°...(ii)
(i) और (ii) से 2y° = 90° - x°
अतः,x = 90 - 2y
💡 उदाहरण

यदि y = 25°, तो

x = 90° - 2 × 25° = 40°


📚 प्रयोग 4: वृत्त के बाहर स्थित एक बिंदु से दो स्पर्शरेखाएँ खींची जा सकती हैं

मान लें T, O केंद्र वाले वृत्त के बाहर स्थित बिंदु है। हम सिद्ध करेंगे कि T से वृत्त पर दो स्पर्शरेखाएँ खींची जा सकती हैं।

रचना:

T और O को मिलाएँ। TO को व्यास मानकर एक वृत्त खींचें। यह वृत्त दिए गए वृत्त को A और B पर काटता है। TA, TB, OA और OB मिलाएँ।

प्रमाण:

TO व्यास वाले वृत्त में ∠OAT और ∠OBT दोनों अर्धवृत्त में बने कोण हैं।

∠OAT = ∠OBT = 90°
अर्थात,OA ⟂ AT और OB ⟂ BT
फिर,OA और OB क्रमशः A और B तक खींची गई त्रिज्याएँ हैं।

विपरीत प्रमेय के अनुसार TA और TB क्रमशः A और B पर दिए गए वृत्त की स्पर्शरेखाएँ हैं।

अतः,T से वृत्त पर दो स्पर्शरेखाएँ खींची जा सकती हैं। [सिद्ध]

⭐ प्रमेय 41: एक ही बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्शरेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं

केंद्र और बाह्य बिंदु को मिलाने वाली रेखा, स्पर्शबिंदुओं तक खींची गई दोनों त्रिज्याओं के साथ समान कोण भी बनाती है।

दिया है:

O केंद्र वाले वृत्त के बाहर स्थित बिंदु P से PA और PB दो स्पर्शरेखाएँ खींची गई हैं। उनके स्पर्शबिंदु A और B हैं। OA, OB और OP मिलाए गए हैं।

सिद्ध करना है:(i) PA = PB और (ii) ∠POA = ∠POB
प्रमाण:PA और PB स्पर्शरेखाएँ हैं तथा OA, OB स्पर्शबिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याएँ हैं।
OA ⟂ PA और OB ⟂ PB
∠OAP = ∠OBP = 90°
अब,

समकोण त्रिभुज △PAO और △PBO में OP सामान्य कर्ण है और OA = OB[एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ]

△PAO ≅ △PBO[RHS सर्वांगसमता]
PA = PB[सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ] [(i) सिद्ध]
और,∠POA = ∠POB[सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण] [(ii) सिद्ध]

📚 एक और महत्वपूर्ण परिणाम

इसी सर्वांगसमता से हमें मिलता है,

∠APO = ∠OPB

अर्थात OP, केंद्रीय कोण ∠AOB और दोनों स्पर्शरेखाओं के बीच के कोण ∠APB, दोनों का समद्विभाजन करता है।

💡 सरल उदाहरण

एक बाह्य बिंदु P से PA और PB दो स्पर्शरेखाएँ खींची गई हैं। यदि PA = 7 सेमी है, तो

PB = 7 सेमी।

और यदि ∠POA = 35°, तो

∠POB = 35°


⭐ प्रमेय 42: यदि दो वृत्त आपस में स्पर्श करते हैं, तो उनका स्पर्शबिंदु उनके केंद्रों को मिलाने वाली सीधी रेखा पर स्थित होता है

यह प्रमेय बाह्य स्पर्श और आंतरिक स्पर्श, दोनों स्थितियों में सत्य है।

दिया है:A और B केंद्र वाले दो वृत्त P बिंदु पर एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं।
सिद्ध करना है:A, P और B समरेखीय हैं।
रचना:AP और BP मिलाएँ। P पर दोनों वृत्तों की सामान्य स्पर्शरेखा ST खींचें।
प्रमाण:

A केंद्र वाले वृत्त के लिए ST, P पर स्पर्शरेखा है और AP स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

AP ⟂ ST
इसी प्रकार,

B केंद्र वाले वृत्त के लिए भी ST, P पर स्पर्शरेखा है और BP स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

BP ⟂ ST
अतः,

AP और BP, दोनों एक ही बिंदु P पर ST के लंब हैं। किसी रेखा पर किसी निश्चित बिंदु से केवल एक लंब रेखा खींची जा सकती है।

AP और BP एक ही सीधी रेखा पर हैं। इसलिए A, P और B समरेखीय हैं। [सिद्ध]

📚 बाह्य और आंतरिक स्पर्श में केंद्रों की दूरी

मान लें दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ r₁ और r₂ हैं।

👉 बाह्य स्पर्श: स्पर्शबिंदु P दोनों केंद्रों के बीच स्थित होता है। इसलिए,

AB = AP + PB = r₁ + r₂

👉 आंतरिक स्पर्श: दोनों केंद्र स्पर्शबिंदु के एक ही ओर होते हैं। यदि बड़ी त्रिज्या R और छोटी त्रिज्या r है, तो

AB = R - r


💡 कुछ और हल किए हुए उदाहरण

उदाहरण 1: स्पर्शरेखा की लंबाई

एक बाह्य बिंदु P से PA और PB दो स्पर्शरेखाएँ खींची गई हैं। यदि PA = 12 सेमी है, तो PB ज्ञात करें।

एक ही बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्शरेखाएँ बराबर होती हैं। इसलिए,

PB = PA = 12 सेमी।

उदाहरण 2: पाइथागोरस प्रमेय से स्पर्शरेखा की लंबाई

एक वृत्त का केंद्र O है और OA = 5 सेमी है। बाह्य बिंदु P से PA स्पर्शरेखा है तथा OP = 13 सेमी। PA ज्ञात करें।

चूँकि OA ⟂ PA, इसलिए △OAP में A पर समकोण है।

OP² = OA² + PA² 13² = 5² + PA² PA² = 169 - 25 = 144

PA = 12 सेमी।

उदाहरण 3: स्पर्श करते वृत्तों के केंद्रों की दूरी

दो वृत्तों की त्रिज्याएँ 6 सेमी और 4 सेमी हैं। यदि वे बाह्य रूप से स्पर्श करते हैं, तो केंद्रों की दूरी

6 + 4 = 10 सेमी होगी।

यदि वही वृत्त आंतरिक रूप से स्पर्श करें, तो केंद्रों की दूरी

6 - 4 = 2 सेमी होगी।


✍️ अभ्यास प्रश्न

  1. एक स्पर्शरेखा PT, O केंद्र वाले वृत्त को T पर स्पर्श करती है। ∠OTP ज्ञात करें।

  2. बाह्य बिंदु P से PA और PB स्पर्शरेखाएँ खींची गई हैं। यदि PA = 9.5 सेमी है, तो PB ज्ञात करें।

  3. एक वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है। बाह्य बिंदु P से खींची गई स्पर्शरेखा की लंबाई 24 सेमी है। P से केंद्र की दूरी ज्ञात करें।

  4. 8 सेमी और 5 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त बाह्य रूप से स्पर्श करते हैं। उनके केंद्रों की दूरी ज्ञात करें।

  5. 9 सेमी और 4 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त आंतरिक रूप से स्पर्श करते हैं। उनके केंद्रों की दूरी ज्ञात करें।

  6. बिंदु P से PA और PB स्पर्शरेखाएँ O केंद्र वाले वृत्त को स्पर्श करती हैं। यदि ∠APB = 70°, तो ∠AOB ज्ञात करें।

उत्तर
  1. 90°
  2. 9.5 सेमी
  3. 25 सेमी
  4. 13 सेमी
  5. 5 सेमी
  6. 110°

⚠️ सामान्य गलतियाँ

👉 गलत: स्पर्शरेखा हर त्रिज्या पर लंब होती है।
सही: स्पर्शरेखा केवल स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।

👉 गलत: वृत्त के अंदर के किसी बिंदु से स्पर्शरेखा खींची जा सकती है।
सही: वृत्त के अंदर से वास्तविक स्पर्शरेखा नहीं खींची जा सकती। वृत्त पर स्थित बिंदु से एक और वृत्त के बाहर स्थित बिंदु से दो स्पर्शरेखाएँ खींची जा सकती हैं।

👉 गलत: एक ही बाह्य बिंदु से खींची गई दो स्पर्शरेखाओं की लंबाइयाँ अलग हो सकती हैं।
सही: उनकी लंबाइयाँ हमेशा बराबर होती हैं।

👉 गलत: प्रमेय 41 में OA = OB से सीधे PA = PB कहा जा सकता है।
सही: पहले दोनों समकोण त्रिभुजों को RHS से सर्वांगसम सिद्ध करना होगा, फिर संगत भुजाएँ बराबर होंगी।

👉 गलत: दो वृत्त स्पर्श करें तो केंद्र और स्पर्शबिंदु हमेशा एक ही क्रम में स्थित होंगे।
सही: बाह्य स्पर्श में स्पर्शबिंदु दोनों केंद्रों के बीच होता है, जबकि आंतरिक स्पर्श में दोनों केंद्र स्पर्शबिंदु के एक ही ओर हो सकते हैं। दोनों स्थितियों में तीनों बिंदु समरेखीय होते हैं।


📚 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

👉 स्पर्शबिंदु से जाने वाली त्रिज्या स्पर्शरेखा पर लंब होती है।

👉 त्रिज्या के अंतिम बिंदु पर त्रिज्या के लंब खींची गई रेखा वृत्त की स्पर्शरेखा होती है।

👉 वृत्त के किसी निश्चित बिंदु पर केवल एक स्पर्शरेखा खींची जा सकती है।

👉 वृत्त के बाहर स्थित एक बिंदु से दो स्पर्शरेखाएँ खींची जा सकती हैं।

👉 एक ही बाह्य बिंदु से खींची गई दो स्पर्शरेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं: PA = PB

👉 बाह्य बिंदु और केंद्र को मिलाने वाली रेखा, स्पर्शबिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याओं के बीच के कोण तथा दोनों स्पर्शरेखाओं के बीच के कोण का समद्विभाजन करती है।

👉 यदि दो वृत्त स्पर्श करते हैं, तो उनके केंद्र और स्पर्शबिंदु एक ही सीधी रेखा पर स्थित होते हैं।

👉 बाह्य स्पर्श में केंद्रों की दूरी = त्रिज्याओं का योग।

👉 आंतरिक स्पर्श में केंद्रों की दूरी = त्रिज्याओं का अंतर।