वृत्त की स्पर्श रेखाओं से संबंधित प्रमेय (Theorems on Tangents to a Circle)

वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangent) वह सीधी रेखा है जो वृत्त से केवल एक बिंदु पर मिलती है। स्पर्श रेखा, त्रिज्या, केंद्र और स्पर्श बिंदु के बीच कुछ महत्वपूर्ण संबंध होते हैं। इनकी सहायता से स्पर्श रेखा की रचना, कोणों की गणना, समान लंबाइयों का प्रमाण तथा स्पर्श करते वृत्तों के केंद्रों की स्थिति आसानी से समझी जा सकती है।

इस पाठ में स्पर्श रेखाओं से संबंधित तीन मुख्य प्रमेयों और उनके महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों को क्रमबद्ध ढंग से समझाया गया है।

📚 स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु क्या हैं?

स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु

स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु

मान लें कि O केंद्र वाले वृत्त को सीधी रेखा AB केवल P बिंदु पर स्पर्श करती है।

👉 AB वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangent) है।

👉 P स्पर्श बिंदु (Point of Contact) है।

👉 OP स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

👉 वृत्त के बाहर स्थित किसी बिंदु को उसका बाह्य बिंदु (External Point) कहते हैं।

⭐ स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है

स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या परस्पर लंब हैं

स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या परस्पर लंब हैं

दिया है:

O केंद्र वाले वृत्त के P बिंदु पर AB स्पर्श रेखा है और OP उस स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

सिद्ध करना है:

OP ⟂ AB।

रचना:

AB पर P से भिन्न कोई भी बिंदु Q लें। OQ को मिलाएँ, जो वृत्त को R पर काटता है।

प्रमाण:

Q स्पर्श रेखा पर स्पर्श बिंदु से भिन्न बिंदु है, इसलिए वह वृत्त के बाहर है। अतः R, O और Q के बीच स्थित है।

∴

OR < OQ। [R, O और Q के बीच है]

साथ ही,

OR = OP। [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ]

∴

OP < OQ।

अब,

Q, AB पर P से भिन्न कोई भी बिंदु है। इसलिए केंद्र O से रेखा AB तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में OP सबसे छोटा है।

∴

किसी बिंदु से रेखा की न्यूनतम दूरी लंब दूरी होती है। अतः OP ⟂ AB। [सिद्ध हुआ]

📚 प्रमेय का सीधा अर्थ

स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा के बीच का कोण सदैव समकोण होता है। अर्थात,

∠OPA = ∠OPB = 90°।

स्पर्श रेखाओं से संबंधित अनेक ज्यामितीय प्रमाण इसी महत्वपूर्ण तथ्य पर आधारित हैं।

⭐ विलोम कथन: त्रिज्या के वृत्त पर स्थित सिरे से उस पर लंब खींची गई रेखा वृत्त की स्पर्श रेखा होती है

स्पर्श रेखा और त्रिज्या संबंधी प्रमेय का विलोम

स्पर्श रेखा और त्रिज्या संबंधी प्रमेय का विलोम

दिया है:

OP, O केंद्र वाले वृत्त की त्रिज्या है। P से जाने वाली रेखा AB, OP पर लंब है।

सिद्ध करना है:

AB, P पर वृत्त की स्पर्श रेखा है।

रचना:

P पर वृत्त की स्पर्श रेखा CD पर विचार करें।

प्रमाण:

स्पर्श रेखा और त्रिज्या संबंधी प्रमेय से OP ⟂ CD। इसलिए ∠OPD = 90°।

साथ ही,

दिया है कि OP ⟂ AB। इसलिए ∠OPB = 90°।

∴

∠OPD = ∠OPB।

अतः,

CD और AB एक ही रेखा हैं, क्योंकि किसी रेखा पर स्थित निश्चित बिंदु से उस रेखा पर केवल एक लंब खींचा जा सकता है।

∴

AB, O केंद्र वाले वृत्त की P पर स्पर्श रेखा है। [सिद्ध हुआ]

✏️ वृत्त के किसी निश्चित बिंदु पर केवल एक स्पर्श रेखा खींची जा सकती है

मान लें कि P वृत्त पर एक निश्चित बिंदु है और OP उस बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है।

प्रमेय के अनुसार, P पर स्पर्श रेखा अवश्य ही OP पर लंब होगी। लेकिन P से OP पर केवल एक लंब रेखा खींची जा सकती है।

इसलिए P पर वृत्त की केवल एक स्पर्श रेखा होती है।

✏️ स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा का लंब वृत्त के केंद्र से गुजरता है

मान लें कि AB, वृत्त के P बिंदु पर स्पर्श रेखा है। P से AB पर लंब PC खींचें।

स्पर्श रेखा संबंधी प्रमेय से त्रिज्या OP भी AB पर लंब है। अर्थात,

OP ⟂ AB और PC ⟂ AB।

P से AB पर केवल एक लंब खींचा जा सकता है। इसलिए PC और PO एक ही सीधी रेखा हैं।

अतः स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा का लंब वृत्त के केंद्र से गुजरता है।

✏️ स्पर्श रेखा और केंद्रगामी रेखा की सहायता से कोण ज्ञात करना

स्पर्श रेखा और त्रिज्या की सहायता से कोण ज्ञात करना

स्पर्श रेखा और त्रिज्या की सहायता से कोण ज्ञात करना

मान लें कि AT, O केंद्र वाले वृत्त के A बिंदु पर स्पर्श रेखा है। B, O, T इसी क्रम में एक सीधी रेखा पर हैं। OA और OB उसी वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। दिया है,

∠ATO = x° और ∠OAB = ∠OBA = y°।

सिद्ध करना है कि x = 90 - 2y।

चूँकि,

AT, A पर स्पर्श रेखा है और OA उस बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है, इसलिए ∠OAT = 90°।

∴

△AOT में, ∠AOT = 90° - x°। ...(i)

साथ ही,

OA = OB, क्योंकि दोनों एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। इसलिए ∠OAB = ∠OBA = y°।

अब,

OT, BO का बढ़ाया हुआ भाग है। अतः △AOB का बाह्य कोण ∠AOT = ∠OAB + ∠OBA = 2y°। ...(ii)

∴

(i) और (ii) से, 2y° = 90° - x°।

अतः,

x° = 90° - 2y°, अर्थात x = 90 - 2y।

💡 उदाहरण

यदि y = 25, अर्थात प्रत्येक आधार कोण 25° हो, तो

x = 90 - 2 × 25 = 40।

इसलिए ∠ATO = 40°।

✏️ वृत्त के किसी बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं

बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाओं की रचना

बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाओं की रचना

मान लें कि T, O केंद्र वाले वृत्त का बाह्य बिंदु है। दिखाना है कि T से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।

रचना:

TO को मिलाएँ। TO को व्यास मानकर एक वृत्त बनाएँ। यह दिए गए वृत्त को A और B पर काटता है। TA, TB, OA और OB को मिलाएँ।

प्रमाण:

TO व्यास वाले वृत्त में ∠OAT और ∠OBT, दोनों अर्धवृत्त में बने कोण हैं।

∴

∠OAT = ∠OBT = 90°।

अर्थात,

OA ⟂ AT और OB ⟂ BT।

साथ ही,

OA और OB क्रमशः A और B से जाने वाली त्रिज्याएँ हैं।

∴

विलोम प्रमेय से TA और TB क्रमशः A और B पर दिए गए वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।

अतः,

बाह्य बिंदु T से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं। [सिद्ध हुआ]

⭐ एक ही बाह्य बिंदु से खींचे गए स्पर्श रेखाखंड बराबर होते हैं और केंद्र पर समान कोण बनाते हैं

एक ही बाह्य बिंदु से खींचे गए समान स्पर्श रेखाखंड

एक ही बाह्य बिंदु से खींचे गए समान स्पर्श रेखाखंड

दिया है:

O केंद्र वाले वृत्त के बाह्य बिंदु P से PA और PB दो स्पर्श रेखाखंड हैं। उनके स्पर्श बिंदु क्रमशः A और B हैं। OA, OB और OP को मिलाया गया है।

सिद्ध करना है:

(i) PA = PB और (ii) ∠POA = ∠POB।

प्रमाण:

स्पर्श बिंदुओं से जाने वाली त्रिज्याएँ स्पर्श रेखाओं पर लंब हैं। इसलिए OA ⟂ PA और OB ⟂ PB।

∴

∠OAP = ∠OBP = 90°।

अब,

समकोण त्रिभुजों △PAO और △PBO में OP उभयनिष्ठ कर्ण है और OA = OB। [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ]

∴

△PAO ≅ △PBO। [RHS सर्वांगसमता कसौटी]

∴

PA = PB। [सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ; (i) सिद्ध हुआ]

और,

∠POA = ∠POB। [सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण; (ii) सिद्ध हुआ]

📚 एक और महत्वपूर्ण परिणाम

इसी सर्वांगसमता से यह भी मिलता है कि,

∠APO = ∠OPB।

अर्थात OP, छोटे केंद्रीय कोण ∠AOB तथा दोनों स्पर्श रेखाखंडों के बीच के कोण ∠APB, दोनों को समद्विभाजित करता है।

✏️ सरल उदाहरण

किसी बाह्य बिंदु P से वृत्त पर PA और PB दो स्पर्श रेखाखंड खींचे गए हैं। यदि PA = 7 सेमी हो, तो

PB = 7 सेमी।

साथ ही, यदि ∠POA = 35° हो, तो

∠POB = 35°।

⭐ परस्पर स्पर्श करने वाले दो वृत्तों का स्पर्श बिंदु उनके केंद्रों को मिलाने वाली सीधी रेखा पर होता है

स्पर्श करते वृत्तों के केंद्र और स्पर्श बिंदु संरेख होते हैं

स्पर्श करते वृत्तों के केंद्र और स्पर्श बिंदु संरेख होते हैं

यह प्रमेय बाह्य स्पर्श और आंतरिक स्पर्श, दोनों स्थितियों में सत्य है।

दिया है:

A और B केंद्र वाले दो वृत्त एक-दूसरे को P पर स्पर्श करते हैं।

सिद्ध करना है:

A, P और B संरेख हैं।

रचना:

AP और BP को मिलाएँ। P पर दोनों वृत्तों की उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा ST खींचें।

प्रमाण:

A केंद्र वाले वृत्त में ST, P पर स्पर्श रेखा है और AP उस बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है। अतः AP ⟂ ST।

साथ ही,

B केंद्र वाले वृत्त में BP स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या है। अतः BP ⟂ ST।

इसलिए,

AP और BP, एक ही बिंदु P पर ST के लंब हैं। किसी रेखा के निश्चित बिंदु पर केवल एक लंब खींचा जा सकता है।

∴

AP और BP एक ही सीधी रेखा पर हैं। अर्थात A, P और B संरेख हैं। [सिद्ध हुआ]

📚 बाह्य और आंतरिक स्पर्श में केंद्रों की दूरी

मान लें कि दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ r₁ और r₂ हैं।

👉 बाह्य स्पर्श में, स्पर्श बिंदु P दोनों केंद्रों के बीच होता है। इसलिए,

AB = AP + PB = r₁ + r₂।

👉 आंतरिक स्पर्श में, दोनों केंद्र स्पर्श बिंदु के एक ही ओर होते हैं। बड़ी त्रिज्या R और छोटी त्रिज्या r हो, तो

AB = R - r।

⚠️ सामान्य गलतियाँ

👉 गलत: स्पर्श रेखा किसी भी त्रिज्या पर लंब होती है।
सही: स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।

👉 गलत: वृत्त के भीतर स्थित बिंदु से स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
सही: अंदर के बिंदु से कोई स्पर्श रेखा नहीं खींची जा सकती। वृत्त पर स्थित बिंदु से एक और बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।

👉 गलत: एक ही बाह्य बिंदु से खींचे गए स्पर्श रेखाखंडों की लंबाइयाँ अलग हो सकती हैं।
सही: एक ही बाह्य बिंदु से एक ही वृत्त पर खींचे गए दोनों स्पर्श रेखाखंड बराबर होते हैं।

👉 गलत: समान स्पर्श रेखाखंडों के प्रमाण में OA = OB से सीधे PA = PB लिख देना।
सही: पहले दोनों समकोण त्रिभुजों को RHS कसौटी से सर्वांगसम सिद्ध करना चाहिए।

👉 गलत: दो वृत्तों का स्पर्श बिंदु हमेशा उनके केंद्रों के बीच होता है।
सही: बाह्य स्पर्श में स्पर्श बिंदु केंद्रों के बीच होता है। आंतरिक स्पर्श में दोनों केंद्र स्पर्श बिंदु के एक ही ओर होते हैं। दोनों स्थितियों में तीनों बिंदु संरेख होते हैं।

🧠 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

👉 स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।

👉 त्रिज्या के वृत्त पर स्थित सिरे से उस पर लंब खींची गई सीधी रेखा वृत्त की स्पर्श रेखा होती है।

👉 वृत्त के किसी निश्चित बिंदु पर केवल एक स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।

👉 वृत्त के किसी बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।

👉 एक ही बाह्य बिंदु से खींचे गए दोनों स्पर्श रेखाखंड बराबर होते हैं: PA = PB।

👉 बाह्य बिंदु और केंद्र की संयोजक रेखा, स्पर्श बिंदुओं की त्रिज्याओं के बीच के छोटे केंद्रीय कोण तथा स्पर्श रेखाखंडों के बीच के कोण को समद्विभाजित करती है।

👉 परस्पर स्पर्श करने वाले दो वृत्तों के केंद्र और स्पर्श बिंदु एक ही सीधी रेखा पर होते हैं।

👉 बाह्य स्पर्श में केंद्रों की दूरी दोनों त्रिज्याओं के योग के बराबर होती है।

👉 आंतरिक स्पर्श में केंद्रों की दूरी बड़ी और छोटी त्रिज्या के अंतर के बराबर होती है।