विद्युत विभव और विभवांतर (Electric Potential and Potential Difference)
विद्युत अध्याय में विद्युत विभव (Electric Potential) और विभवांतर (Potential Difference) दो बहुत महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। बैटरी, विद्युत धारा, विद्युत परिपथ, विद्युत वाहक बल (EMF), प्रतिरोध (Resistance) और ओम का नियम (Ohm's Law) समझने के लिए इनका स्पष्ट होना आवश्यक है।
सरल रूप में सोचें, कोई विद्युत सेल या बैटरी अपने दोनों सिरों को समान विभव पर नहीं रखती। इन सिरों के बीच का विभव का अंतर ही विभवांतर है। जब दोनों सिरों को चालक तार से जोड़ा जाता है, तो इसी विभवांतर से विद्युत क्षेत्र बनता है और आवेशों की व्यवस्थित गति शुरू होती है।
याद रखें: विद्युत विभव किसी वस्तु पर मौजूद आवेश की मात्रा नहीं है। यह किसी बिंदु पर प्रति इकाई आवेश के लिए कार्य या विद्युत विभव ऊर्जा का माप है।
1. विद्युत विभव क्या है? (Electric Potential)
मान लें किसी विद्युत क्षेत्र के एक बिंदु पर बहुत छोटा धनात्मक आवेश रखा जाए। इसे परीक्षण आवेश (Test Charge) कहते हैं।
अनंत दूरी से एक इकाई धनात्मक परीक्षण आवेश को किसी निश्चित बिंदु तक धीरे-धीरे लाने में जितना बाहरी कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिंदु का विद्युत विभव कहते हैं।
जहाँ,
- = विद्युत विभव
- = किया गया कार्य
- = परीक्षण आवेश
अर्थात, किसी बिंदु का विभव जितना अधिक होगा, वहाँ एक इकाई धनात्मक आवेश लाने में उतना अधिक कार्य आवश्यक हो सकता है।
2. विद्युत विभव की SI इकाई
विद्युत विभव की SI इकाई वोल्ट (Volt या V) है।
अर्थात,
1 वोल्ट = 1 जूल/कूलॉम
1 वोल्ट का अर्थ
यदि 1 कूलॉम आवेश को दो बिंदुओं के बीच स्थानांतरित करने में 1 जूल कार्य करना पड़े, तो उन दोनों बिंदुओं का विभवांतर 1 वोल्ट है।
3. विद्युत विभव की प्रकृति
विद्युत विभव एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है। इसका परिमाण होता है, लेकिन कोई निश्चित दिशा नहीं।
इसका विमीय सूत्र,
कार्य और आवेश दोनों अदिश राशियाँ हैं, इसलिए इनके अनुपात से प्राप्त विद्युत विभव भी अदिश राशि है।
4. उच्च विभव और निम्न विभव (Higher and Lower Potential)
मान लें A और B बिंदुओं के विभव क्रमशः और हैं।
यदि,
तो A बिंदु उच्च विभव पर और B बिंदु निम्न विभव पर है।
किसी वस्तु को केवल धनावेशित या ऋणावेशित होने के कारण सीधे उच्च या निम्न विभव पर नहीं कहा जा सकता। विभव संदर्भ बिंदु (Reference Point), दूरी और आवेश-वितरण पर निर्भर करता है।
5. विभवांतर (Potential Difference)
विद्युत क्षेत्र के दो बिंदुओं के विभव का अंतर विभवांतर कहलाता है।
यदि A और B के विभव क्रमशः और हैं, तो
यदि किसी धनात्मक परीक्षण आवेश को A से B तक धीरे-धीरे ले जाने में बाहरी कार्य करना पड़े, तो
अतः,
6. विद्युत विभव और विभवांतर में अंतर
| विद्युत विभव | विभवांतर |
|---|---|
| किसी एक बिंदु का विभव बताता है। | दो बिंदुओं के विभव का अंतर बताता है। |
| किसी निश्चित संदर्भ बिंदु के सापेक्ष निर्धारित किया जाता है। | दो निश्चित बिंदुओं की तुलना की जाती है। |
| सामान्यतः V से दर्शाया जाता है। | सामान्यतः ΔV से दर्शाया जाता है। |
| SI इकाई वोल्ट है। | SI इकाई भी वोल्ट है। |
7. वोल्टेज (Voltage) क्या है?
विद्युत परिपथों में वोल्टेज (Voltage) शब्द सामान्यतः दो बिंदुओं के विभवांतर के लिए प्रयोग किया जाता है।
जैसे, 12 V बैटरी का अर्थ सामान्यतः यह है कि बैटरी अपने दोनों सिरों के बीच लगभग 12 वोल्ट विभवांतर बनाए रख सकती है।
वोल्टेज और विद्युत धारा एक चीज नहीं हैं। वोल्टेज विभव का अंतर है, जबकि विद्युत धारा प्रति इकाई समय में बहने वाले आवेश की मात्रा है।
8. विभवांतर विद्युत धारा क्यों उत्पन्न करता है?
धात्विक चालक में बहुत से मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electron) होते हैं। विभवांतर न होने पर उनकी अनियमित गति होती है, लेकिन किसी निश्चित दिशा में शुद्ध विद्युत धारा नहीं बनती।
बैटरी या सेल चालक के दोनों सिरों पर विभवांतर बनाता है, जिससे चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र उत्पन्न होता है। तब मुक्त इलेक्ट्रॉनों में एक निश्चित दिशा की drift गति उत्पन्न होती है।
परंपरागत विद्युत धारा की दिशा
धात्विक चालक में परंपरागत विद्युत धारा की दिशा मानी जाती है:
उच्च विभव → निम्न विभव
इलेक्ट्रॉन अपवाह (drift) की दिशा
इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित होते हैं। इसलिए धात्विक चालक में उनकी अपवाह (drift) दिशा होती है:
निम्न विभव → उच्च विभव
अर्थात इलेक्ट्रॉन drift परंपरागत विद्युत धारा के विपरीत दिशा में होता है।
9. पानी से एक सरल तुलना
विद्युत विभव समझने के लिए ऊँचाई पर रखे पानी का उदाहरण उपयोगी हो सकता है।
| पानी के मामले में | विद्युत के मामले में |
|---|---|
| अधिक ऊँचाई पर पानी की गुरुत्वीय विभव ऊर्जा अधिक हो सकती है। | उच्च विद्युत विभव के बिंदु पर इकाई धनात्मक आवेश की विभव ऊर्जा अधिक हो सकती है। |
| ऊँचाई का अंतर पानी के प्रवाह का कारण बन सकता है। | विभवांतर आवेश की व्यवस्थित गति का कारण बनने में सहायता करता है। |
| पंप ऊँचाई का अंतर बनाए रख सकता है। | बैटरी या सेल विभवांतर बनाए रखता है। |
यह केवल अवधारणा समझने की तुलना है। विद्युत विभव और ऊँचाई एक ही भौतिक राशि नहीं हैं।
10. विद्युत विभव ऊर्जा (Electric Potential Energy)
यदि कोई आवेश विभव वाले बिंदु पर है, तो उसकी विद्युत विभव ऊर्जा,
जहाँ,
- = विद्युत विभव ऊर्जा
- = आवेश
- = विद्युत विभव
दो बिंदुओं के बीच विभव ऊर्जा का परिवर्तन,
11. बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव
निर्वात में बिंदु आवेश से दूरी पर विद्युत विभव,
जहाँ,
आवेश के चिह्न का प्रभाव
- होने पर विभव धनात्मक होता है।
- होने पर विभव ऋणात्मक होता है।
यहाँ अनंत दूरी पर विभव शून्य माना गया है।
दूरी बढ़ने पर
अर्थात बिंदु आवेश से दूरी बढ़ने पर विभव का परिमाण घटता है।
12. विद्युत क्षेत्र और विभव का संबंध (Electric Field and Potential)
विद्युत क्षेत्र की दिशा सामान्यतः उच्च विभव से निम्न विभव की ओर होती है।
समरूप विद्युत क्षेत्र में क्षेत्र की दिशा में छोटी दूरी के लिए,
ऋणात्मक चिह्न बताता है कि विद्युत क्षेत्र की दिशा में आगे बढ़ने पर विभव कम होता है।
Class 10 के लिए मुख्य विचार: विद्युत क्षेत्र उच्च विभव से निम्न विभव की ओर निर्देशित होता है।
13. समविभव पृष्ठ (Equipotential Surface)
जिस पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान हो, उसे समविभव पृष्ठ कहते हैं।
समविभव पृष्ठ के दो बिंदुओं के बीच,
इसलिए उस पृष्ठ के अनुदिश आवेश ले जाने में शुद्ध विद्युत कार्य,
उदाहरण
एक पृथक बिंदु आवेश के चारों ओर समकेंद्रीय गोलाकार पृष्ठों को समविभव पृष्ठ माना जा सकता है।
14. बैटरी विभवांतर कैसे बनाए रखती है?
बैटरी या विद्युत सेल के भीतर रासायनिक अभिक्रियाएँ आवेशों को अलग करती हैं। इससे दोनों सिरों के बीच विभवांतर बनता है।
परिपथ पूरा होने पर यह विभवांतर चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र बनाता है और विद्युत धारा शुरू होने में सहायता करता है।
बैटरी ऊर्जा कैसे देती है, इसे विद्युत वाहक बल (Electromotive Force या EMF) में अधिक विस्तार से समझाया जाता है।
15. हल किया गया उदाहरण 1: विभव ज्ञात करना
प्रश्न: 5 C आवेश को किसी बिंदु तक लाने में 20 J कार्य करना पड़ता है। उस बिंदु का विद्युत विभव कितना है?
दिया है,
अतः,
उत्तर: 4 V
16. हल किया गया उदाहरण 2: कार्य ज्ञात करना
प्रश्न: 3 C आवेश को 12 V विभवांतर से ले जाने में कितना कार्य करना होगा?
अतः,
उत्तर: 36 J
17. हल किया गया उदाहरण 3: विद्युत विभव ऊर्जा
प्रश्न: आवेश 50 V विभव वाले बिंदु पर है। उसकी विद्युत विभव ऊर्जा ज्ञात करें।
अतः,
उत्तर:
18. हल किया गया उदाहरण 4: बिंदु आवेश का विभव
प्रश्न: निर्वात में बिंदु आवेश से 0.30 m दूरी पर विभव कितना है?
उत्तर:
19. दैनिक जीवन में विभवांतर के उदाहरण
शुष्क सेल (Dry Cell)
एक सामान्य शुष्क सेल (Dry Cell) लगभग 1.5 V विभवांतर दे सकता है।
USB विद्युत आपूर्ति
कई USB विद्युत आपूर्ति (Power Supply) में 5 V विभवांतर का उपयोग किया जाता है।
9 V बैटरी
परिचित 9 V बैटरी के सिरों का नाममात्र विभवांतर लगभग 9 V होता है।
वास्तविक बैटरी का प्रान्तीय विभव (Terminal Voltage), उसकी चार्ज की अवस्था, विद्युत धारा और आंतरिक प्रतिरोध के कारण नाममात्र मान से थोड़ा बदल सकता है।
20. सामान्य गलत धारणाएँ
गलती 1: विभव और आवेश एक ही चीज हैं
नहीं। आवेश की इकाई कूलॉम (C), जबकि विभव की इकाई वोल्ट (V) है।
गलती 2: वोल्टेज का अर्थ ही विद्युत धारा है
नहीं। वोल्टेज विभवांतर है, जबकि विद्युत धारा प्रति इकाई समय में बहने वाले आवेश की मात्रा है।
गलती 3: इलेक्ट्रॉन उच्च विभव से निम्न विभव की ओर जाते हैं
धात्विक चालक में इलेक्ट्रॉन अपवाह (drift) निम्न विभव से उच्च विभव की ओर होता है। परंपरागत विद्युत धारा इसके विपरीत दिशा में होती है।
गलती 4: विद्युत विभव एक सदिश राशि है
नहीं। विद्युत विभव एक अदिश राशि है।
गलती 5: बैटरी नए इलेक्ट्रॉन बनाती है
नहीं। बैटरी नए इलेक्ट्रॉन नहीं बनाती। वह रासायनिक ऊर्जा का उपयोग करके आवेश-विभाजन और विभवांतर बनाए रखती है।
गलती 6: विद्युत विभव और विभवांतर एक ही हैं
नहीं। विद्युत विभव एक बिंदु से संबंधित है, जबकि विभवांतर दो बिंदुओं के विभव का अंतर है।
21. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बातें
- विद्युत विभव:
- SI इकाई: वोल्ट (V)
- विद्युत विभव एक अदिश राशि है
- विभवांतर:
- विद्युत विभव ऊर्जा:
- बिंदु आवेश का विभव:
- परंपरागत धारा: उच्च विभव → निम्न विभव
- इलेक्ट्रॉन drift: निम्न विभव → उच्च विभव
22. अभ्यास प्रश्न
- 4 C आवेश को स्थानांतरित करने में 24 J कार्य हो तो विभवांतर कितना है?
- 6 V विभवांतर से 5 C आवेश ले जाने में कितना कार्य होगा?
- एक बिंदु का विभव 15 V और दूसरे का 9 V है। विभवांतर कितना है?
- 3 μC आवेश 200 V विभव पर हो तो उसकी विद्युत विभव ऊर्जा कितनी होगी?
- परंपरागत विद्युत धारा और इलेक्ट्रॉन अपवाह (drift) की दिशाएँ विपरीत क्यों हैं?
- 1 वोल्ट का भौतिक अर्थ अपने शब्दों में लिखें।
- विद्युत विभव अदिश राशि क्यों है?
- बिंदु आवेश से दूरी दोगुनी करने पर विभव कैसे बदलता है?
- समविभव पृष्ठ के अनुदिश आवेश ले जाने में कार्य शून्य क्यों होता है?
- बैटरी परिपथ में विद्युत धारा के लिए आवश्यक विभवांतर कैसे बनाती है?
23. त्वरित पुनरावृत्ति
| अवधारणा | मुख्य बात |
|---|---|
| विद्युत विभव | प्रति इकाई आवेश के लिए कार्य या विभव ऊर्जा |
| सूत्र | V = W/q |
| SI इकाई | वोल्ट (V) |
| 1 वोल्ट | 1 J/C |
| विभवांतर | ΔV = VB − VA |
| विद्युत विभव ऊर्जा | U = qV |
| बिंदु आवेश का विभव | V = kQ/r |
| प्रकृति | अदिश राशि |
| परंपरागत विद्युत धारा | उच्च विभव → निम्न विभव |
| इलेक्ट्रॉन drift | निम्न विभव → उच्च विभव |
संक्षेप में
विद्युत विभव किसी बिंदु पर प्रति इकाई धनात्मक आवेश के लिए कार्य या विद्युत विभव ऊर्जा का माप है।
मुख्य संबंध:
दो बिंदुओं के विभव का अंतर विभवांतर या वोल्टेज कहलाता है। यही विभवांतर परिपथ में विद्युत क्षेत्र बनाकर आवेशों की व्यवस्थित गति बनाए रखने में सहायता करता है।
यह अवधारणा स्पष्ट होने पर आगे के विषय विद्युत वाहक बल (EMF), विद्युत धारा (Electric Current), प्रतिरोध (Resistance) और ओम का नियम (Ohm's Law) समझना बहुत आसान होगा।