प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

जब कोई प्रकाश किरण किसी समांगी पारदर्शी माध्यम में चलते हुए दूसरे माध्यम की सीमा सतह पर आपतित होती है, तब आपतित प्रकाश का कुछ भाग उस सीमा सतह से दिशा बदलकर फिर पहले माध्यम में लौट आता है। इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

प्रकाश का परावर्तन

प्रकाश का परावर्तन

Reflection of Light

📚 परावर्तन में प्रयुक्त महत्वपूर्ण शब्द

🔹 आपतित किरण (Incident Ray): वह प्रकाश किरण जो परावर्तक सतह पर आकर गिरती है।

🔹 परावर्तित किरण (Reflected Ray): वह प्रकाश किरण जो परावर्तक सतह से टकराकर वापस लौटती है।

🔹 अभिलंब (Normal): आपतन बिंदु पर परावर्तक सतह के लंबवत खींची गई काल्पनिक रेखा।

🔹 आपतन कोण (Angle of Incidence): आपतित किरण और अभिलंब के बीच बनने वाला कोण।

🔹 परावर्तन कोण (Angle of Reflection): परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच बनने वाला कोण।

परावर्तन के नियम: प्रकाश का परावर्तन दो नियमों के अनुसार होता है।

👉 आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर परावर्तक सतह पर खींचा गया अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।

👉 आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है। आपतन कोण (i) = परावर्तन कोण (r)

प्रकाश का परावर्तन दो प्रकार का होता है

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नियमित परावर्तन

विसरित परावर्तन

नियमित परावर्तन (Regular Reflection)

नियमित परावर्तन (Regular Reflection)

जब समानांतर प्रकाश किरणों का पुंज किसी चिकनी समतल सतह पर आपतित होता है, तो परावर्तित किरणें एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ती हैं और आपस में समानांतर बनी रहती हैं। इस प्रकार के परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते हैं।

विसरित परावर्तन (Diffuse Reflection)

विसरित परावर्तन (Diffuse Reflection)

जब समानांतर प्रकाश किरणों का पुंज किसी खुरदरी या असमतल सतह पर आपतित होता है, तो प्रत्येक किरण परावर्तन के नियमों का पालन करती है, लेकिन परावर्तित किरणें विभिन्न दिशाओं में फैल जाती हैं। इस प्रकार के परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते हैं।

👉 परावर्तक सतह की प्रकृति अलग होने पर भी नियमित और विसरित, दोनों प्रकार के परावर्तन परावर्तन के दोनों नियमों का पालन करते हैं।

👉 विसरित परावर्तन के कारण ही हम अपने आसपास की अप्रदीप्त वस्तुओं को देख पाते हैं।

नियमित परावर्तन और विसरित परावर्तन में अंतर+
नियमित परावर्तनविसरित परावर्तन
नियमित परावर्तन चिकनी परावर्तक सतह पर होता है।विसरित परावर्तन खुरदरी या असमतल परावर्तक सतह पर होता है।

अधिकांश परावर्तित किरणें एक निश्चित दिशा में जाती हैं। इसलिए ऐसी सतह अधिक चमकीली दिखाई दे सकती है।

परावर्तित किरणें विभिन्न दिशाओं में फैल जाती हैं। इसलिए ऐसी सतह से प्रकाश किसी एक निश्चित दिशा में केंद्रित होकर नहीं आता।

परावर्तित किरणें एक निश्चित दिशा या क्षेत्र में सीमित रहती हैं।

परावर्तित किरणें किसी एक निश्चित दिशा में सीमित न रहकर विभिन्न दिशाओं में फैलती हैं।

परावर्तक को घुमाकर परावर्तित प्रकाश को किसी इच्छित दिशा में भेजा जा सकता है।

परावर्तक को घुमाने पर भी परावर्तित प्रकाश को पूरी तरह किसी एक इच्छित दिशा में नहीं भेजा जा सकता।

प्रतिबिंब (Image)

यदि किसी बिंदु स्रोत या वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद किसी दूसरे बिंदु पर वास्तव में मिलती हैं, अथवा किसी दूसरे बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, तो उस दूसरे बिंदु को पहले बिंदु या वस्तु का प्रतिबिंब कहते हैं।

प्रतिबिंब दो प्रकार के होते हैं

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वास्तविक प्रतिबिंब

आभासी प्रतिबिंब

वास्तविक प्रतिबिंब (Real Image)

वास्तविक प्रतिबिंब (Real Image)

जब किसी बिंदु स्रोत से आने वाली अपसारी प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद वास्तव में किसी दूसरे बिंदु पर मिलती हैं, तो वहाँ बनने वाले प्रतिबिंब को वास्तविक प्रतिबिंब कहते हैं।

🔹 वास्तविक प्रतिबिंब को आँखों से देखा जा सकता है और पर्दे पर भी प्राप्त किया जा सकता है।

🔹 सिनेमा के पर्दे पर बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक प्रतिबिंब का उदाहरण है।

आभासी प्रतिबिंब (Virtual Image)

आभासी प्रतिबिंब (Virtual Image)

जब किसी बिंदु स्रोत से आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद वास्तव में आपस में नहीं मिलतीं, लेकिन वे किसी दूसरे बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, तो बनने वाले प्रतिबिंब को आभासी प्रतिबिंब कहते हैं।

🔹 आभासी प्रतिबिंब को आँखों से देखा जा सकता है, लेकिन पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।

🔹 समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब आभासी प्रतिबिंब होता है।

वास्तविक प्रतिबिंब और आभासी प्रतिबिंब में अंतर+
वास्तविक प्रतिबिंबआभासी प्रतिबिंब

जब परावर्तित या अपवर्तित प्रकाश किरणें वास्तव में किसी बिंदु पर मिलती हैं, तब वास्तविक प्रतिबिंब बनता है।

जब परावर्तित या अपवर्तित प्रकाश किरणें वास्तव में नहीं मिलतीं, लेकिन किसी बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, तब आभासी प्रतिबिंब बनता है।

वास्तविक प्रतिबिंब को आँखों से देखा और पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है।

आभासी प्रतिबिंब को आँखों से देखा जा सकता है, लेकिन पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।

सिनेमा के पर्दे पर बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक प्रतिबिंब का उदाहरण है।

समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब आभासी प्रतिबिंब का उदाहरण है।

दर्पण या लेंस द्वारा बना वास्तविक प्रतिबिंब सामान्यतः वस्तु की तुलना में उल्टा होता है।

समतल दर्पण या कुछ लेंसों द्वारा बना आभासी प्रतिबिंब सामान्यतः सीधा होता है। समतल दर्पण में पार्श्व परिवर्तन भी होता है।

💡 सामान्य गलत धारणाएँ

गलत धारणासही अवधारणा
परावर्तन केवल दर्पण में होता है।परावर्तन चिकनी और खुरदरी, दोनों प्रकार की सतहों पर हो सकता है।
विसरित परावर्तन परावर्तन के नियमों का पालन नहीं करता।

विसरित परावर्तन में भी प्रत्येक प्रकाश किरण परावर्तन के नियमों का पालन करती है।

वास्तविक प्रतिबिंब आँखों से नहीं देखा जा सकता।

वास्तविक प्रतिबिंब आँखों से देखा जा सकता है और पर्दे पर भी प्राप्त किया जा सकता है।

आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है।आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
आपतन कोण और परावर्तन कोण अलग-अलग हो सकते हैं।परावर्तन में आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।

📚 त्वरित पुनरावृत्ति

⭐ जब प्रकाश किसी सतह पर आपतित होकर पहले माध्यम में वापस लौटता है, तो इस घटना को परावर्तन कहते हैं।

⭐ परावर्तन के दो नियम हैं।

⭐ आपतन कोण = परावर्तन कोण।

⭐ चिकनी सतह पर नियमित परावर्तन होता है।

⭐ खुरदरी या असमतल सतह पर विसरित परावर्तन होता है।

⭐ विसरित परावर्तन के कारण हम अप्रदीप्त वस्तुओं को देख पाते हैं।

⭐ वास्तविक प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है।

⭐ आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।

💡 प्रश्नोत्तर (FAQ)

प्रकाश का परावर्तन क्या है?+

जब कोई प्रकाश किरण दो माध्यमों की सीमा सतह पर आपतित होकर दिशा बदलती है और फिर पहले माध्यम में लौट आती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

परावर्तन के कितने नियम हैं?+

परावर्तन के दो नियम हैं। पहला, आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब एक ही तल में होते हैं। दूसरा, आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।

आपतन कोण और परावर्तन कोण में क्या संबंध है?+

आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है। अर्थात, i = r।

नियमित परावर्तन क्या है?+

जब समानांतर प्रकाश किरणें चिकनी सतह पर आपतित होकर परावर्तन के बाद भी समानांतर रहती हैं और एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ती हैं, तो इसे नियमित परावर्तन कहते हैं।

विसरित परावर्तन क्या है?+

जब समानांतर प्रकाश किरणें खुरदरी या असमतल सतह पर आपतित होती हैं, तो परावर्तन के बाद वे विभिन्न दिशाओं में फैल जाती हैं। इस घटना को विसरित परावर्तन कहते हैं।

विसरित परावर्तन के कारण हम क्या देख पाते हैं?+

विसरित परावर्तन के कारण ही हम अपने आसपास की अप्रदीप्त या स्वयं प्रकाश न देने वाली वस्तुओं को देख पाते हैं।

क्या नियमित और विसरित परावर्तन दोनों परावर्तन के नियमों का पालन करते हैं?+

हाँ। नियमित और विसरित दोनों प्रकार के परावर्तन परावर्तन के नियमों का पालन करते हैं। अंतर मुख्यतः परावर्तक सतह की प्रकृति के कारण होता है।

प्रतिबिंब क्या है?+

किसी वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद किसी बिंदु पर वास्तव में मिलें, या किसी बिंदु से आती हुई प्रतीत हों, तो उस बिंदु को वस्तु का प्रतिबिंब कहते हैं।

वास्तविक प्रतिबिंब क्या है?+

जब प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद वास्तव में किसी बिंदु पर मिलती हैं, तो बनने वाले प्रतिबिंब को वास्तविक प्रतिबिंब कहते हैं। वास्तविक प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है।

आभासी प्रतिबिंब क्या है?+

जब प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद वास्तव में नहीं मिलतीं, लेकिन किसी बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, तो बनने वाले प्रतिबिंब को आभासी प्रतिबिंब कहते हैं। आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।

वास्तविक और आभासी प्रतिबिंब में मुख्य अंतर क्या है?+

वास्तविक प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है और सामान्यतः यह उल्टा होता है। आभासी प्रतिबिंब को आँखों से देखा जा सकता है, लेकिन पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता और सामान्यतः यह सीधा होता है।

✍️ स्वयं प्रयास करें

🔹 1. प्रकाश का परावर्तन क्या है?

🔹 2. परावर्तन के दोनों नियम लिखिए।

🔹 3. आपतन कोण और परावर्तन कोण में क्या संबंध है?

🔹 4. नियमित परावर्तन और विसरित परावर्तन में दो अंतर लिखिए।

🔹 5. वास्तविक प्रतिबिंब और आभासी प्रतिबिंब में दो अंतर लिखिए।