प्रिज्म और लेंस (Prism and Lens)
प्रिज्म (Prism)
प्रिज्म एक समांगी और पारदर्शी अपवर्तक माध्यम होता है, जो समतल पृष्ठों से घिरा होता है। विद्यालय स्तर पर सामान्यतः त्रिभुजाकार प्रिज्म का अध्ययन किया जाता है। इसमें तीन आयताकार पृष्ठ और दो त्रिभुजाकार पृष्ठ होते हैं।
प्रिज्म के जिन दो पृष्ठों से प्रकाश किरण प्रिज्म में प्रवेश करती है और बाहर निकलती है, उन्हें अपवर्तक पृष्ठ (Refracting Faces) कहते हैं।
दोनों अपवर्तक पृष्ठ जिस कोण पर एक-दूसरे से मिलते हैं, उस कोण को प्रिज्म कोण या अपवर्तक कोण (Angle of Prism) कहते हैं।
प्रिज्म (Prism)
ABCD और ADEF आयताकार अपवर्तक पृष्ठ हैं।
ABF और DCF त्रिभुजाकार पृष्ठ हैं।
∠BAF प्रिज्म कोण या अपवर्तक कोण है।
प्रिज्म में प्रकाश का अपवर्तन (Prism Refraction)
⭐ प्रिज्म से होकर गुजरते समय प्रकाश किरण दो बार अपवर्तित होती है। सामान्य स्थिति में प्रिज्म से निकलने वाली किरण प्रिज्म के आधार की ओर विचलित होती है।
प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम निर्माण (Spectrum of Prism)
⭐ श्वेत प्रकाश प्रिज्म के अपवर्तक पृष्ठ पर तिरछा आपतित होने पर विभिन्न रंग अलग-अलग मात्रा में अपवर्तित होते हैं। परिणामस्वरूप श्वेत प्रकाश विभिन्न रंगों में विभाजित हो जाता है। इस घटना को प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण कहते हैं।
प्रिज्म में प्रकाश किरणों का अपवर्तन
Refraction of Light Rays in a Prism
प्रिज्म में आपतन कोण i1, निर्गमन कोण i2, प्रिज्म कोण A और विचलन कोण δ के बीच संबंध है:
जब विचलन कोण न्यूनतम हो
न्यूनतम विचलन की स्थिति में आपतन कोण और निर्गमन कोण बराबर होते हैं।
और प्रिज्म के भीतर दोनों अपवर्तन कोण भी बराबर होते हैं।
इस स्थिति को न्यूनतम विचलन की स्थिति (Minimum Deviation Condition) कहते हैं।
लेंस (Lens)
दो गोलीय पृष्ठों अथवा एक गोलीय और एक समतल पृष्ठ से सीमित पारदर्शी अपवर्तक माध्यम को लेंस कहते हैं।
लेंस मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं
उत्तल लेंस
अवतल लेंस
उत्तल लेंस
Convex Lens
बीच में मोटा और किनारों पर पतला। सामान्यतः अभिसारी लेंस के रूप में कार्य करता है।
अवतल लेंस
Concave Lens
बीच में पतला और किनारों पर मोटा। सामान्यतः अपसारी लेंस के रूप में कार्य करता है।
लेंस से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण राशियाँ और बिंदु
🔹 वक्रता केंद्र: C1 और C2
🔹 वक्रता त्रिज्या: R1 और R2
🔹 प्रधान अक्ष: C1 और C2 से होकर जाने वाली सीधी रेखा
🔹 द्वारक (Aperture): लेंस का प्रभावी व्यास, जैसे L1L2
प्रकाशिक केंद्र (Optical Centre)
पतले लेंस में प्रकाशिक केंद्र प्रधान अक्ष पर स्थित वह बिंदु है, जिससे होकर गुजरने वाली प्रकाश किरण लगभग बिना विचलन के आगे बढ़ती है।
उत्तल लेंस का मुख्य फोकस
Principal Focus of a Convex Lens
प्रधान अक्ष के समानांतर आने वाली किरणें अपवर्तन के बाद मुख्य फोकस पर अभिसरित होती हैं।
अवतल लेंस का मुख्य फोकस
Principal Focus of a Concave Lens
प्रधान अक्ष के समानांतर आने वाली किरणें अपवर्तन के बाद अपसारित होती हैं और मुख्य फोकस से आती हुई प्रतीत होती हैं।
👉 लेंस का मुख्य फोकस: प्रधान अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरणें लेंस से अपवर्तन के बाद प्रधान अक्ष पर जिस निश्चित बिंदु पर मिलती हैं, या जिस निश्चित बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उस बिंदु को लेंस का मुख्य फोकस (Principal Focus) कहते हैं।
उत्तल लेंस का फोकस तल और गौण फोकस
Focal Plane and Secondary Focus of a Convex Lens
अवतल लेंस का फोकस तल और गौण फोकस
Focal Plane and Secondary Focus of a Concave Lens
👉 फोकस तल (Focal Plane): लेंस के मुख्य फोकस से होकर प्रधान अक्ष के लंबवत कल्पित तल को फोकस तल कहते हैं।
👉 गौण फोकस (Secondary Focus): प्रधान अक्ष के समानांतर न होकर परस्पर समानांतर आने वाली किरणों का समूह लेंस से अपवर्तन के बाद फोकस तल के जिस बिंदु पर मिलता है, या जिस बिंदु से आता हुआ प्रतीत होता है, उस बिंदु को गौण फोकस कहते हैं।
उत्तल या अवतल लेंस का मुख्य फोकस प्रधान अक्ष पर एक निश्चित बिंदु होता है, जबकि गौण फोकस फोकस तल पर अलग-अलग बिंदुओं पर हो सकता है।
💡 उत्तल और अवतल लेंस में अंतर
| विषय | उत्तल लेंस | अवतल लेंस |
|---|---|---|
| संरचना | बीच में मोटा, किनारों पर पतला | बीच में पतला, किनारों पर मोटा |
| प्रकृति | अभिसारी लेंस | अपसारी लेंस |
| समानांतर किरणें | मुख्य फोकस पर मिलती हैं | मुख्य फोकस से आती हुई प्रतीत होती हैं |
| सामान्य उपयोग | आवर्धक काँच, कैमरा, प्रोजेक्टर और नेत्र के प्रकाशीय तंत्र में | निकट-दृष्टिदोष के चश्मे और कुछ optical systems में |
🧠 याद रखने योग्य बातें
⭐ प्रिज्म से गुजरते समय प्रकाश सामान्यतः प्रिज्म के आधार की ओर विचलित होता है।
⭐ श्वेत प्रकाश के अलग-अलग रंगों का अपवर्तन अलग-अलग मात्रा में होने के कारण वर्ण-विक्षेपण होता है।
⭐ उत्तल लेंस सामान्यतः प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है, इसलिए इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
⭐ अवतल लेंस प्रकाश किरणों को अपसारित करता है, इसलिए इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
⭐ पतले लेंस के प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण लगभग बिना विचलन के निकलती है।
⭐ मुख्य फोकस प्रधान अक्ष पर होता है, जबकि गौण फोकस फोकस तल पर स्थित हो सकता है।