विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current)

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो आवेशित कण चालक के भीतर गति करते हैं। गति के दौरान वे चालक के कणों से टकराते हैं और विद्युत ऊर्जा का एक भाग ऊष्मा ऊर्जा में बदल जाता है। परिणामस्वरूप चालक गर्म हो जाता है। इस घटना को विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं।

इलेक्ट्रिक हीटर, इलेक्ट्रिक आयरन और कई अन्य ऊष्मा उत्पन्न करने वाले विद्युत उपकरण इसी प्रभाव पर काम करते हैं।

जूल का ऊष्मीय नियम (Joule's Law of Heating)

जूल के ऊष्मीय नियम को तीन समानुपातों द्वारा समझा जा सकता है।

1. धारा का प्रभाव

प्रतिरोध और समय स्थिर रहने पर — H ∝ I2 ---(i)

2. प्रतिरोध का प्रभाव

धारा और समय स्थिर रहने पर — H ∝ R ---(ii)

3. समय का प्रभाव

धारा और प्रतिरोध स्थिर रहने पर — H ∝ t ---(iii)

संयुक्त परिवर्तन के नियम से (i), (ii) और (iii) से प्राप्त होता है —

H ∝ I2Rt

अथवा,

जहाँ J एक नियतांक है, जिसे ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक कहते हैं। इसका मान 4.2 J/cal है।

कैलोरी में ऊष्मा ज्ञात करने के लिए यह जूल के ऊष्मीय नियम का एक रूप है।

📚 जब उत्पन्न ऊष्मा जूल में मापी जाए, H = I2Rt

📚 जब उत्पन्न ऊष्मा cal में मापी जाए, = 0.24 I2Rt

ओम का नियम V = IR उपयोग करने पर दो और उपयोगी रूप मिलते हैं —

H = VIt

और,

कैलोरी में लगभग —

👉 ऊष्मा उत्पादन के कुछ महत्वपूर्ण परिणाम

  • समान R और t पर धारा दोगुनी करने से ऊष्मा चार गुना हो जाती है।
  • समान I और t पर प्रतिरोध दोगुना करने से ऊष्मा दोगुनी हो जाती है।
  • समान I और R पर समय दोगुना करने से ऊष्मा दोगुनी हो जाती है।
  • समान प्रतिरोध और समय पर विभवांतर बढ़ाने से ।

👉 विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy)

यदि किसी आवेश Q को V विभवांतर से होकर स्थानांतरित किया जाए, तो विद्युत ऊर्जा —

E = QV

क्योंकि Q = It, इसलिए —

E = VIt

ओम के नियम से —

E = I2Rt

और,

प्रतिरोधी उपकरणों में खर्च होने वाली इस विद्युत ऊर्जा का बड़ा भाग ऊष्मा में बदल सकता है।

👉 विद्युत शक्ति (Electrical Power)

समय के सापेक्ष विद्युत ऊर्जा के उपयोग की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं।

क्योंकि E = VIt, इसलिए —

P = VI

ओम के नियम से —

P = I2R

और,

📚 SI मात्रक

विद्युत शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है।

इसके अलावा,

📚 किलोवाट-घंटा और बिजली का unit

यदि 1 kW शक्ति का कोई उपकरण 1 घंटे तक चलता है, तो प्रयुक्त ऊर्जा 1 kWh होती है।

व्यावसायिक रूप से 1 unit बिजली = 1 kWh। कुछ पुराने पाठों में इसे B.O.T. unit भी कहा गया है।

📚 विद्युत उपकरण की rating क्या बताती है?

यदि किसी बल्ब पर 220 V, 100 W लिखा हो, तो इसका अर्थ है कि वह बल्ब निर्धारित 220 V विभवांतर पर 100 W की दर से विद्युत ऊर्जा उपयोग करने के लिए बनाया गया है।

उसका प्रतिरोध —

और धारा —

220 V, 100 W बल्ब के लिए —

📚 बिजली की खपत का उदाहरण

एक घर में 60 W के 2 बल्ब और 80 W के 2 पंखे हैं। सभी प्रतिदिन 5 घंटे चलते हैं।

प्रतिदिन प्रयुक्त ऊर्जा —

30 दिनों में —

अर्थात 42 units। यदि प्रति unit की कीमत ₹4 हो, तो कुल खर्च —

उत्तर: ₹168

👉 ऊष्मीय प्रभाव के उपयोग

📚 इलेक्ट्रिक हीटर

इलेक्ट्रिक हीटर में ऊष्मा-सहनीय और विद्युतरोधी पदार्थ से बना एक गोल आधार होता है। उसमें कुंडलाकार खांचे होते हैं और इन खांचों में नाइक्रोम तार की कुंडली रखी जाती है। नाइक्रोम मुख्यतः निकेल और क्रोमियम पर आधारित मिश्रधातु है। इसकी प्रतिरोधकता तांबे की तुलना में बहुत अधिक होती है। इसलिए जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो पर्याप्त ऊष्मा उत्पन्न होती है और तार गर्म होकर अन्य वस्तुओं को गर्म करता है।

यदि हीटर के नाइक्रोम तार की लंबाई कम कर दी जाए, तो लंबाई घटने के कारण उसका प्रतिरोध कम हो जाएगा। यदि विभवांतर समान रहे, तो धारा बढ़ जाएगी और H ∝ I² होने के कारण उत्पन्न ऊष्मा भी बढ़ जाएगी।

📚 इलेक्ट्रिक आयरन

इलेक्ट्रिक आयरन की संरचना काफी हद तक हीटर जैसी होती है। गर्म नाइक्रोम heating element नीचे की चिकनी धातु की तली को गर्म करता है।

विद्युत ऊष्मा-उत्पादक उपकरणों में नाइक्रोम तार का उपयोग क्यों किया जाता है?

नाइक्रोम की प्रतिरोधकता तांबे की तुलना में बहुत अधिक होती है। इसलिए उपयुक्त लंबाई और मोटाई के नाइक्रोम तार से आवश्यक उच्च प्रतिरोध वाला heating element बनाया जा सकता है। उच्च तापमान पर भी नाइक्रोम हवा के ऑक्सीजन से आसानी से प्रभावित नहीं होता और यह आसानी से पिघलता नहीं है। इन्हीं कारणों से विद्युत ऊष्मा-उत्पादक उपकरणों में नाइक्रोम का उपयोग किया जाता है।

📚 इलेक्ट्रिक हीटर का तार बल्ब के फिलामेंट की तरह प्रकाश क्यों नहीं देता?

इलेक्ट्रिक बल्ब का टंगस्टन फिलामेंट इस प्रकार बनाया जाता है कि धारा प्रवाहित होने पर उसका तापमान अत्यधिक बढ़ जाए और वह श्वेत-तप्त होकर दृश्य प्रकाश उत्सर्जित करे। दूसरी ओर, हीटर के नाइक्रोम heating element की लंबाई, मोटाई और प्रतिरोध इस प्रकार चुने जाते हैं कि वह सुरक्षित कार्य तापमान पर पर्याप्त ऊष्मा उत्पन्न करे, लेकिन सामान्यतः बल्ब के फिलामेंट की तरह श्वेत-तप्त न हो। इसलिए हीटर का मुख्य उद्देश्य ऊष्मा उत्पन्न करना है, प्रकाश नहीं।

📚 फ्यूज तार (Fuse Wire)

विद्युत मुख्य लाइन में उपयुक्त फ्यूज होल्डर के भीतर एक छोटा तार श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। इसे फ्यूज तार कहते हैं। यदि शॉर्ट सर्किट हो जाए या एक साथ बहुत अधिक शक्ति वाले उपकरण चलाए जाएँ, तो लाइन में धारा अचानक बढ़ सकती है। अधिक धारा के कारण तार बहुत गर्म हो सकते हैं, insulation खराब हो सकता है और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए सुरक्षा के लिए फ्यूज लगाया जाता है।

परंपरागत फ्यूज तार अपेक्षाकृत कम गलनांक वाले उपयुक्त धातु या मिश्रधातु से बनाया जाता है। जब धारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक हो जाती है, तो फ्यूज तार में उत्पन्न ऊष्मा उसे पिघला देती है और परिपथ टूट जाता है। परिणामस्वरूप धारा का प्रवाह बंद हो जाता है।

10 ampere का fuse इस प्रकार चुना जाता है कि धारा अपनी सुरक्षित rated सीमा से अधिक होने पर वह परिपथ को काट दे।

विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का उपयोग धातु पिघलाने, electric furnace, greenhouse को गर्म रखने और कई अन्य कार्यों में भी किया जाता है।

शॉर्ट सर्किट होने का क्या अर्थ है?

यदि किसी कारण से अलग-अलग विभव वाले दो चालकों के बीच बहुत कम प्रतिरोध का सीधा संपर्क बन जाए, तो पूरे परिपथ का प्रतिरोध बहुत कम हो जाता है। परिणामस्वरूप बहुत बड़ी धारा अचानक प्रवाहित होती है और बहुत अधिक ऊष्मा उत्पन्न हो सकती है। इस स्थिति को शॉर्ट सर्किट कहते हैं।

👉 हल सहित उदाहरण

✏️ उदाहरण 1

10 Ω प्रतिरोध वाले तार में 0.5 A धारा 60 s तक प्रवाहित होती है। उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात कीजिए।

H = I2Rt

✏️ उदाहरण 2

प्रतिरोध और समय अपरिवर्तित रखते हुए धारा को 4 गुना कर दिया जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा कितनी गुना होगी?

अतः,

उत्तर: 16 गुना

✏️ उदाहरण 3

440 Ω प्रतिरोध वाला एक बल्ब 220 V लाइन पर 10 घंटे जलता है। प्रयुक्त ऊर्जा कितने units होगी?

उत्तर: 1.1 units

बिजली की खपत के दो और उदाहरण

✏️ उदाहरण 4

एक घर में 60 W के 6 बल्ब और 40 W के 3 पंखे हैं। सभी उपकरण प्रतिदिन 6 घंटे, 30 दिनों तक चलते हैं।

कुल शक्ति —

कुल समय —

प्रयुक्त ऊर्जा —

अर्थात 86.4 units।

✏️ उदाहरण 5

1600 W का एक विद्युत उपकरण 200 V लाइन से जुड़ा है।

धारा —

100 घंटे में प्रयुक्त ऊर्जा —

अर्थात 160 units।

🧠 जल्दी याद रखें

⭐ उत्पन्न ऊष्मा = H, विद्युत धारा = I, समय = t, विभवांतर = V, प्रतिरोध = R, विद्युत ऊर्जा = E, विद्युत शक्ति = P और ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक = J।

⭐ कैलोरी में:

⭐ जूल में: H = I2Rt = VIt

⭐

⭐ P = VI

⭐ P = I2R

⭐

⭐ E = Pt

⭐ 1 unit = 1 kWh

⭐

✍ स्वयं हल करें

🔹 5 Ω प्रतिरोध में 2 A धारा 10 मिनट तक प्रवाहित हो। उत्पन्न ऊष्मा जूल में ज्ञात कीजिए।

🔹 220 V, 60 W बल्ब की धारा और प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

🔹 1.5 kW का हीटर 2 घंटे चले, तो वह कितने units ऊर्जा उपयोग करेगा?

🔹 समान प्रतिरोध में धारा तीन गुनी हो जाए, तो समान समय में ऊष्मा कितनी गुनी होगी?

🔹 500 W का उपकरण प्रतिदिन 4 घंटे, 30 दिनों तक चले, तो कुल कितनी kWh ऊर्जा उपयोग होगी?