विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance)
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो चालक आवेश वाहकों की व्यवस्थित गति का विरोध करता है। चालक के इस गुण को विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) कहते हैं।
समान विभवांतर पर अधिक प्रतिरोध वाले चालक में कम धारा प्रवाहित होती है, जबकि कम प्रतिरोध वाले चालक में अधिक धारा प्रवाहित होती है। ओम के नियम से—
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) है।
👉 प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक
किसी चालक का प्रतिरोध मुख्यतः चार कारकों पर निर्भर करता है—
⭐ चालक का पदार्थ (Material)
⭐ उसका तापमान (Temperature)
⭐ उसकी लंबाई (Length)
⭐ उसका अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (Cross-sectional Area)
⭐ पदार्थ का प्रभाव
समान लंबाई, समान अनुप्रस्थ क्षेत्रफल और समान तापमान वाले दो तारों का प्रतिरोध अलग-अलग हो सकता है, यदि वे अलग-अलग पदार्थों से बने हों। उदाहरण के लिए, चाँदी की प्रतिरोधकता लोहे की अपेक्षा कम होती है, इसलिए समान परिस्थितियों में चाँदी का तार लोहे के तार की तुलना में बेहतर चालक होता है।
⭐ तापमान का प्रभाव
- अधिकांश शुद्ध धातुओं में तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है।
- कार्बन, सिलिकॉन, जर्मेनियम और इलेक्ट्रोलाइट जैसे पदार्थों में तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध घट सकता है।
- इनवार, मैंगनिन और कॉन्स्टेंटन जैसी कुछ मिश्रधातुओं में तापमान के साथ प्रतिरोध में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन होता है।
⭐ प्रतिरोध और लंबाई का संबंध
जब पदार्थ, तापमान और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल स्थिर रहें, तब चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई के सीधे समानुपाती होता है।
--- (i)अतः तार की लंबाई बढ़ाने पर उसका प्रतिरोध बढ़ता है और लंबाई घटाने पर प्रतिरोध घटता है।
⭐ प्रतिरोध और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल का संबंध
जब पदार्थ, तापमान और लंबाई स्थिर रहें, तब प्रतिरोध अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
--- (ii)समान पदार्थ और समान लंबाई वाले मोटे तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल अधिक होता है, इसलिए उसका प्रतिरोध पतले तार की तुलना में कम होता है।
समीकरण (i) और (ii) को मिलाने पर—
अतः,
किसी निश्चित पदार्थ और निश्चित तापमान के लिए ρ एक स्थिरांक होता है। इसे उस पदार्थ की प्रतिरोधकता (Resistivity) कहते हैं।
👉 प्रतिरोधकता (Resistivity)
किसी विशेष पदार्थ के लिए निश्चित तापमान पर एक विशिष्ट भौतिक राशि है। प्रतिरोध के सूत्र से—
प्रतिरोधकता को इकाई लंबाई और इकाई अनुप्रस्थ क्षेत्रफल वाले पदार्थ के प्रतिरोध से जोड़ा जा सकता है। परंतु प्रतिरोध के विपरीत, प्रतिरोधकता किसी निश्चित तापमान पर पदार्थ का स्वयं का गुण है।
SI मात्रक
अतः प्रतिरोधकता का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω·m) है।
प्रतिरोध और प्रतिरोधकता में अंतर
| प्रतिरोध (Resistance) | प्रतिरोधकता (Resistivity) |
|---|---|
| किसी विशेष चालक में विद्युत धारा के विरोध को दर्शाता है | किसी पदार्थ के अंतर्निहित विद्युत गुण को दर्शाती है |
| लंबाई और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल पर निर्भर करता है | समान पदार्थ के नमूने के ज्यामितीय आकार पर सीधे निर्भर नहीं करती |
| SI मात्रक: Ω | SI मात्रक: Ω·m |
👉 तार को खींचने पर उसका प्रतिरोध क्यों बदलता है?
एक धात्विक तार का प्रतिरोध 6 Ω है। उसे खींचकर उसकी लंबाई प्रारंभिक लंबाई की दोगुनी कर दी जाती है। मान लें कि उसका आयतन अपरिवर्तित रहता है।
प्रारंभ में,
नई लंबाई—
चूँकि आयतन स्थिर है,
अतः,
इसलिए,
उत्तर: 24 Ω
👉 विद्युत चालकता का व्युत्क्रम गुण: Conductance
किसी चालक से विद्युत धारा जितनी आसानी से गुजरती है, उसका conductance उतना ही अधिक होता है। Conductance, resistance का व्युत्क्रम है।
इसका SI मात्रक सीमेंस (Siemens, S) है।
👉 चालकता (Conductivity)
Conductivity, resistivity का व्युत्क्रम है।
इसका SI मात्रक है—
जिस पदार्थ की प्रतिरोधकता कम होती है, उसकी चालकता सामान्यतः अधिक होती है।
👉 सेमीकंडक्टर और सुपरकंडक्टर: संक्षिप्त परिचय
📚 सेमीकंडक्टर (Semiconductor)
जिस पदार्थ का विद्युत व्यवहार एक अच्छे चालक और कुचालक के बीच होता है, उसे सेमीकंडक्टर कहते हैं। सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) इसके सामान्य उदाहरण हैं। इनका प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर घट सकता है।
📚 सुपरकंडक्टर (Superconductor)
जब कुछ पदार्थों को उनके विशिष्ट क्रांतिक तापमान (Critical Temperature) से नीचे ठंडा किया जाता है, तो सुपरकंडक्टिंग अवस्था में उनका विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है। इस घटना को अतिचालकता (Superconductivity) कहते हैं। उदाहरण के लिए, पारा लगभग 4.2 K से नीचे और सीसा लगभग 7.2 K से नीचे अतिचालक हो सकता है।
ये प्रारंभिक अवधारणाएँ हैं। सुपरकंडक्टिविटी का विस्तृत अध्ययन उच्च कक्षाओं में किया जाता है।
📚 प्रकाश, चुंबकीय क्षेत्र और दाब का प्रतिरोध पर प्रभाव
⭐ सेलेनियम पर प्रकाश पड़ने से उसका प्रतिरोध कम हो सकता है और प्रकाश की तीव्रता बढ़ने पर प्रतिरोध और घट सकता है।
⭐ बिस्मथ को चुंबकीय क्षेत्र में रखने पर उसका प्रतिरोध बदल सकता है।
⭐ कुछ पदार्थों का प्रतिरोध दाब के साथ बदलता है। कार्बन के कणों का प्रतिरोध दाब बदलने पर बदलता है। इस गुण का उपयोग ऐतिहासिक रूप से कार्बन माइक्रोफोन में किया जाता था।
ये बिंदु कक्षा 10 के मुख्य प्रतिरोध-सूत्रों से आगे की अतिरिक्त जानकारी हैं।
📚 प्रतिरोध नियंत्रित करने के लिए रियोस्टैट का उपयोग
⭐ रियोस्टैट (Rheostat) का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किसी परिपथ के प्रभावी प्रतिरोध को बढ़ाने या घटाने के लिए किया जाता है। ओम के नियम के अनुसार, यदि लगाया गया विभवांतर स्थिर हो तो प्रतिरोध बदलने से धारा बदलती है।
⭐ विद्युत धारा को नियंत्रित करने के लिए variable resistance का उपयोग regulators और अन्य electrical control devices में भी किया जाता रहा है।
📚 प्रतिरोधक पदार्थों में वांछित सामान्य गुण
⭐ जहाँ स्थिरता आवश्यक हो, वहाँ तापमान के साथ प्रतिरोध में बहुत अधिक परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
⭐ आर्द्रता का प्रतिरोध पर प्रभाव यथासंभव कम होना चाहिए।
⭐ उपयोग के अनुसार पदार्थ की उपयुक्त, प्रायः अपेक्षाकृत अधिक, प्रतिरोधकता होनी चाहिए।
⭐ पदार्थ को कार्य के दौरान उत्पन्न ऊष्मा सहने में सक्षम होना चाहिए।
✏️ उदाहरण 1
समान पदार्थ के दो तारों की लंबाइयाँ बराबर हैं। पहले तार की त्रिज्या दूसरे तार की त्रिज्या की दोगुनी है। उनके प्रतिरोधों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
पहले तार की त्रिज्या और दूसरे की है।
उत्तर: 1 : 4
✏️ उदाहरण 2
दो तार एक ही धातु के बने हैं। पहले तार का प्रतिरोध 10 Ω है। दूसरे तार की लंबाई पहले तार की तीन गुनी और उसका अनुप्रस्थ क्षेत्रफल पहले तार का आधा है। दूसरे तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 60 Ω
✏️ उदाहरण 3
एक तार की लंबाई 25 cm और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल 0.15 cm² है। उसके सिरों पर 5 V विभवांतर लगाने पर 2 A धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोधकता ज्ञात कीजिए।
पहले,
फिर,
🧠 त्वरित पुनरावृत्ति
⭐ विद्युत धारा को I, विभवांतर को V, प्रतिरोध को R, तार की लंबाई को L, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल को A और प्रतिरोधकता को ρ से दर्शाया जाता है।
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⭐ R ∝ L
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✍ स्वयं हल करें
🔹 समान पदार्थ के दो तारों की लंबाइयों का अनुपात 2:3 है और उनके अनुप्रस्थ क्षेत्रफल समान हैं। उनके प्रतिरोधों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
🔹 यदि किसी तार की लंबाई दोगुनी कर दी जाए और उसका अनुप्रस्थ क्षेत्रफल अपरिवर्तित रहे, तो उसका प्रतिरोध कैसे बदलेगा?
🔹 यदि तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल दोगुना कर दिया जाए और उसकी लंबाई अपरिवर्तित रहे, तो उसका प्रतिरोध कितने गुना बदल जाएगा?
🔹 यदि , , और , तो प्रतिरोधकता की गणना कीजिए।