शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल, संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

🎯 इस पाठ में तुम क्या सीखोगे?

👉 लंब वृत्तीय शंकु की रचना और उसके भाग पहचानना।

👉 लंबवत ऊँचाई और तिर्यक ऊँचाई में अंतर समझना।

👉 वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल, संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के सूत्र लगाना।

👉 त्रिज्यखंड की सहायता से वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र समझाना।

👉 टोपी, तंबू और पात्र से जुड़े सरल प्रश्न हल करना।

शंकु के आकार की टोपी बनाने में कितना कागज़ लगेगा? शंक्वाकार पात्र में कितना पानी समाएगा? पहले प्रश्न में वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area) और दूसरे में अंदर का आयतन (Volume) चाहिए।

👉 शंकु (Cone) किसे कहते हैं?

शंकु

शंकु

शंकु का एक वृत्ताकार आधार और एक वक्र पृष्ठ होता है। वक्र पृष्ठ एक बिंदु पर मिलता है, जिसे शीर्ष (Vertex) कहते हैं।

इस पाठ में लंब वृत्तीय शंकु (Right Circular Cone) की चर्चा है। इसके शीर्ष से आधार पर खींचा गया लंब आधार के केंद्र से गुजरता है। यहाँ दिए तिर्यक ऊँचाई और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र इसी प्रकार के शंकु के लिए हैं।

समकोण त्रिभुज घुमाकर शंकु बनाना

समकोण त्रिभुज घुमाकर शंकु बनाना

समकोण त्रिभुज घुमाकर शंकु बनाना

समकोण त्रिभुज की समकोण बनाने वाली किसी एक भुजा को अक्ष मानकर पूरा एक चक्कर घुमाने पर लंब वृत्तीय शंकु बनता है। तब:

  • स्थिर भुजा की लंबाई शंकु की ऊँचाई बनती है।
  • दूसरी लंबवत भुजा की लंबाई आधार की त्रिज्या बनती है।
  • कर्ण की लंबाई तिर्यक ऊँचाई बनती है।

कर्ण को अक्ष मानकर घुमाने पर यही आकृति नहीं बनती। इसलिए स्थिर रखी गई भुजा का चुनाव महत्वपूर्ण है।

👉 शंकु के मुख्य माप और संकेत

शंकु के माप

शंकु के माप

🔹 आधार की त्रिज्या (Radius), r: वृत्ताकार आधार के केंद्र से उसकी परिधि के किसी बिंदु तक की दूरी।

🔹 लंबवत ऊँचाई (Perpendicular Height), h: शीर्ष से आधार के केंद्र तक की लंबवत दूरी।

🔹 तिर्यक ऊँचाई (Slant Height), l: शीर्ष से आधार की परिधि के किसी बिंदु तक के रेखाखंड की लंबाई। लंब वृत्तीय शंकु में यह सभी दिशाओं में समान होती है।

🔹 आधार का व्यास (Diameter), d: त्रिज्या का दोगुना, अर्थात d = 2r।

यहाँ r > 0 और h > 0 हैं। l अंग्रेज़ी का छोटा अक्षर एल है, संख्या 1 नहीं।

👉 तिर्यक ऊँचाई का सूत्र और प्रमाण

शीर्ष A, आधार का केंद्र O और आधार की परिधि पर एक बिंदु B मानो। तब:

AO = h, OB = r, AB = l और ∠AOB = 90°।

समकोण त्रिभुज AOB में पाइथागोरस प्रमेय से:

⭐ l2 = r2 + h2

इसलिए:

⭐

इसी संबंध से यह भी मिलता है:

⭐

याद रखो: तिर्यक ऊँचाई कर्ण है, इसलिए l > h और l > r। ऊँचाई और त्रिज्या को सीधे जोड़कर तिर्यक ऊँचाई नहीं मिलती।

👉 शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

⭐ CSA = πrl

यहाँ तिर्यक ऊँचाई l चाहिए, लंबवत ऊँचाई h नहीं। यह केवल वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल है; आधार का वृत्त इसमें शामिल नहीं है।

💡 वक्र पृष्ठ खोलकर सूत्र सिद्ध करें

🔹 वक्र पृष्ठ को एक तिर्यक रेखा के अनुदिश काटकर समतल पर फैलाने से वृत्त का एक त्रिज्यखंड (Sector) मिलता है।

🔹 त्रिज्यखंड की त्रिज्या = शंकु की तिर्यक ऊँचाई = l।

🔹 त्रिज्यखंड के चाप की लंबाई = शंकु के आधार की परिधि = 2πr।

🔹 उसी त्रिज्या l वाले पूरे वृत्त की परिधि 2πl और क्षेत्रफल πl² है।

🔹 निश्चित त्रिज्या के लिए त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल चाप की लंबाई के समानुपाती होता है। इसलिए वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल:

🔹

🔹 यहाँ निश्चित त्रिज्या वाले वृत्त के त्रिज्यखंडों की तुलना है। अलग-अलग त्रिज्याओं वाले वृत्तों के क्षेत्रफलों को उनकी परिधियों के समानुपाती नहीं माना गया है।

अतिरिक्त संबंध: खुले त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण

यदि त्रिज्यखंड के केंद्रीय कोण का डिग्री मान θ हो:

⭐

अतः केंद्रीय कोण है। शंक्वाकार टोपी के कागज़ का नमूना बनाने में यह संबंध उपयोगी है। इसमें जोड़ने के लिए अतिरिक्त भाग शामिल नहीं है।

👉 आधार और संपूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल

वृत्ताकार आधार का क्षेत्रफल:

⭐ B = πr2

वक्र पृष्ठ और आधार को जोड़ने पर:

⭐ TSA = πrl + πr2 = πr(l + r)

टोपी या बिना फर्श का तंबू: केवल वक्र पृष्ठ, πrl।

आधार सहित शंकु का पूरा बाहरी पृष्ठ: πr(l + r)।

कपड़े या कागज़ के प्रश्नों में निर्देश के अनुसार दरवाज़े, जोड़, मोटाई और बर्बादी को ध्यान में रखो। केवल आदर्श आकृति का क्षेत्रफल चाहिए तो इन्हें उपेक्षित मानते हैं।

👉 शंकु का आयतन

⭐ V = 13 πr2h

अर्थात आयतन = 13 × आधार का क्षेत्रफल × लंबवत ऊँचाई।

समान आधार त्रिज्या और ऊँचाई वाले बेलन का आयतन πr2h है। शंकु का आयतन इसका एक-तिहाई होता है।

⭐

समान भीतरी त्रिज्या और ऊँचाई वाले शंक्वाकार तथा बेलनाकार पात्र लें। शंक्वाकार पात्र को 3 बार लबालब भरकर पानी डालने पर बेलन भर जाएगा, यदि पानी गिरे नहीं या पीछे न रह जाए। यह संबंध का प्रयोगात्मक प्रदर्शन है, पूरा गणितीय प्रमाण नहीं।

सावधानी: आयतन के सूत्र में h लो, l नहीं। तिर्यक ऊँचाई दी हो तो पहले लंबवत ऊँचाई निकालो।

व्यास d के रूप में:

⭐

🔎 उच्च स्तर के लिए: कलन से आयतन का प्रमाण

🔹 यह भाग वैकल्पिक है। मूल प्रश्न हल करने के लिए कलन जानना आवश्यक नहीं है।

🔹 शीर्ष से आधार की ओर अक्ष के अनुदिश दूरी x मानो। शीर्ष पर x = 0 और आधार पर x = h है।

🔹 उस स्थान पर आधार के समांतर वृत्ताकार अनुप्रस्थ काट की त्रिज्या ρ हो, तो समरूप त्रिभुजों से:

🔹 ।

🔹 इसलिए अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है।

🔹 अत्यंत पतली चकत्तियों के आयतन का समाकलन करने पर:

🔹

🔹

🔹 यहाँ x शीर्ष से मापा गया है। आधार से मापने पर अनुप्रस्थ काट की त्रिज्या का व्यंजक भी उसी अनुसार बदलना होगा।

👉 आयतन, पदार्थ और धारिता

⭐ ठोस शंकु: 13 πr2h वस्तु के पदार्थ का आयतन है।

⭐ शंक्वाकार पात्र: अंदर के खाली भाग की त्रिज्या और लंबवत ऊँचाई से इसी सूत्र द्वारा धारिता निकालो।

⭐ मोटी दीवार वाली खोखली वस्तु: पदार्थ का आयतन निकालने के लिए बाहरी आयतन से अंदर का खाली आयतन घटाओ। दोनों के सही माप चाहिए।

1 घन सेमी = 1 मिलीलीटर और 1000 घन सेमी = 1 लीटर।

👉 सरल हल सहित उदाहरण

π का उपयोग: यथार्थ उत्तर में π रहने दो। 3.14 और 227 केवल सन्निकट मान हैं। प्रश्न में दिया मान उपयोग करो।

✏️ उदाहरण 1: तिर्यक ऊँचाई

शंकु की त्रिज्या 3 सेमी और लंबवत ऊँचाई 4 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई निकालो।

हल:

सेमी।

उत्तर: 5 सेमी। सीधे 3 + 4 करने से सही उत्तर नहीं मिलता।

✏️ उदाहरण 2: वक्र और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल

शंकु की त्रिज्या 3 सेमी और तिर्यक ऊँचाई 5 सेमी है। वक्र और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालो।

हल: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π × 3 × 5 = 15π वर्ग सेमी।

आधार का क्षेत्रफल = π × 3² = 9π वर्ग सेमी।

संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 15π + 9π = 24π वर्ग सेमी।

उत्तर: क्रमशः 15π वर्ग सेमी और 24π वर्ग सेमी।

✏️ उदाहरण 3: शंकु का आयतन

शंकु की त्रिज्या 3 सेमी और लंबवत ऊँचाई 4 सेमी है। आयतन निकालो।

हल:

घन सेमी।

उत्तर: 12π घन सेमी। समान आधार और ऊँचाई वाले बेलन का आयतन 36π घन सेमी है।

✏️ उदाहरण 4: व्यास दिया हो तो

शंकु के आधार का व्यास 10 सेमी और लंबवत ऊँचाई 12 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालो।

हल: त्रिज्या r = 10 ÷ 2 = 5 सेमी।

सेमी।

संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = π × 5 × (13 + 5) = 90π वर्ग सेमी।

उत्तर: तिर्यक ऊँचाई 13 सेमी; संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 90π वर्ग सेमी।

✏️ उदाहरण 5: तिर्यक ऊँचाई से आयतन

शंकु की त्रिज्या 5 सेमी और तिर्यक ऊँचाई 13 सेमी है। आयतन निकालो।

हल: पहले लंबवत ऊँचाई निकालो।

सेमी।

घन सेमी।

उत्तर: 100π घन सेमी। आयतन के सूत्र में ऊँचाई की जगह 13 मत रखो।

✏️ उदाहरण 6: तंबू का कपड़ा

शंक्वाकार तंबू के आधार की त्रिज्या 7 मीटर और तिर्यक ऊँचाई 10 मीटर है। बिना फर्श के कितना कपड़ा चाहिए? दरवाज़े की जगह, जोड़ और बर्बादी उपेक्षित मानो। लो।

हल: केवल वक्र पृष्ठ लो।

वर्ग मीटर।

उत्तर: लगभग 220 वर्ग मीटर कपड़ा।

✏️ उदाहरण 7: पात्र की धारिता

पात्र का भीतरी खाली भाग शंक्वाकार है। भीतरी त्रिज्या 3 सेमी और लंबवत ऊँचाई 10 सेमी है। लबालब भरने पर कितने मिलीलीटर पानी समाएगा? π ≈ 3.14 लो।

हल:

घन सेमी।

उत्तर: लगभग 94.2 मिलीलीटर।

✏️ उदाहरण 8: आयतन से ऊँचाई

शंकु का आयतन 48π घन सेमी और त्रिज्या 4 सेमी है। लंबवत ऊँचाई निकालो।

हल: आयतन के सूत्र से:

सेमी।

उत्तर: लंबवत ऊँचाई 9 सेमी।

✍️ स्वयं हल करो

जहाँ उचित हो, π के रूप में यथार्थ उत्तर दो।

🔹 1. शंकु की त्रिज्या 6 सेमी और ऊँचाई 8 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई निकालो।

🔹 2. शंकु की त्रिज्या 4 सेमी और तिर्यक ऊँचाई 5 सेमी है। वक्र और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालो।

🔹 3. शंकु की त्रिज्या 2 सेमी और लंबवत ऊँचाई 9 सेमी है। आयतन निकालो।

🔹 4. शंकु के आधार का व्यास 12 सेमी और तिर्यक ऊँचाई 10 सेमी है। लंबवत ऊँचाई और आयतन निकालो।

🔹 5. शंकु का वक्र पृष्ठ खोलने पर 10 सेमी त्रिज्या वाला त्रिज्यखंड मिलता है। आधार की त्रिज्या 5 सेमी हो, तो त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण निकालो।

🔹 6. शंक्वाकार पात्र की भीतरी त्रिज्या 6 सेमी और लंबवत ऊँचाई 10 सेमी है। धारिता मिलीलीटर में निकालो। π ≈ 3.14 लो।

✅ उत्तर और संक्षिप्त गणना

🔸 1. सेमी।

🔸 2. वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 20π वर्ग सेमी; संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल π × 4 × (5 + 4) = 36π वर्ग सेमी।

🔸 3. आयतन घन सेमी।

🔸 4. त्रिज्या 6 सेमी; ऊँचाई सेमी; आयतन 96π घन सेमी।

🔸 5. केंद्रीय कोण ।

🔸 6. धारिता 120π घन सेमी, अर्थात लगभग 376.8 मिलीलीटर।

🧠 याद रखने योग्य मुख्य बातें

⭐ आकृति की शर्त: बताए गए तिर्यक ऊँचाई और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र लंब वृत्तीय शंकु के लिए हैं।

⭐ वक्र क्षेत्रफल में तिर्यक ऊँचाई: πrl में l लगता है।

⭐ आयतन में लंबवत ऊँचाई: सूत्र में h लगता है और 3 से भाग देना होता है।

⭐ व्यास और त्रिज्या: व्यास को 2 से भाग दो।

⭐ आधार जोड़ना है या नहीं: टोपी या बिना फर्श के तंबू में आधार नहीं जोड़ते; संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल में जोड़ते हैं।

⭐ त्रिज्यखंड के माप: खुले त्रिज्यखंड की त्रिज्या l है, शंकु के आधार की त्रिज्या r नहीं।

⭐ इकाइयाँ: क्षेत्रफल में वर्ग इकाई और आयतन में घन इकाई लिखो। सभी लंबाइयाँ पहले समान इकाई में बदलो।

⭐ धारिता: पात्र के भीतरी माप लो।

⭐ आकार में परिवर्तन: समरूप शंकुओं की सभी लंबाइयाँ k गुनी हों, तो क्षेत्रफल k² गुना और आयतन k³ गुना होता है।

💡 त्वरित पुनरावृत्ति

क्या निकालना हैसूत्र
तिर्यक ऊँचाई
लंबवत ऊँचाई
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलπrl
आधार का क्षेत्रफलπr²
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफलπr(l + r)
आयतन

⭐ यहाँ r आधार की त्रिज्या, h लंबवत ऊँचाई और l तिर्यक ऊँचाई है।